यूपी के 1.33 लाख से अधिक स्कूली बच्चों की थाली में पहुंचा हलवा, योगी सरकार की नई पहल से मिलेगा अतिरिक्त पोषण

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उत्तर प्रदेश में स्कूली बच्चों को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने पीएम पोषण योजना के तहत नई पहल शुरू की है। इसके अंतर्गत प्रदेश के योजना से जुड़े सरकारी और परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को नियमित मध्याह्न भोजन के साथ सूजी से बना मीठा हलवा और नमकीन उपमा भी परोसा जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के भोजन में अतिरिक्त पोषण शामिल करना और उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा देना है।

1.33 लाख से अधिक विद्यालयों के बच्चों तक पहुंच रही पहल

प्रदेश के विद्यालयों में इस पूरक पोषण व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। इसके तहत बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार हलवा और उपमा उपलब्ध कराया जाएगा। योजना का लाभ पीएम पोषण कार्यक्रम के दायरे में आने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा। इसका उद्देश्य नियमित भोजन के साथ बच्चों को अतिरिक्त आहार देना है।

हर सप्ताह तय मेन्यू के अनुसार मिलेगा हलवा और उपमा

नई व्यवस्था के तहत महीने के पहले और तीसरे सप्ताह में बच्चों को मीठा सूजी का हलवा परोसा जाएगा। वहीं, दूसरे, चौथे और पांचवें सप्ताह में नमकीन उपमा दिया जाएगा। यह अतिरिक्त आहार नियमित मिड-डे मील के अलावा मध्यावकाश के दौरान उपलब्ध कराया जाएगा।

हलवा तैयार करने में सूजी, घी, चीनी और घिसे हुए नारियल का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, उपमा में सूजी के साथ मौसमी सब्जियां, मूंगफली और मसाले शामिल होंगे। प्रत्येक विद्यार्थी के लिए कम से कम 30 ग्राम सूजी का इस्तेमाल निर्धारित किया गया है।

भोजन की गुणवत्ता और वितरण पर रहेगी निगरानी

योजना के प्रभावी संचालन के लिए विद्यालयों को खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। सामग्री के सुरक्षित भंडारण, लाभार्थियों की संख्या और स्टॉक का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति, मां समूह और संबंधित विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

बच्चों को अतिरिक्त पोषण देना है उद्देश्य

सरकार की इस पहल का मकसद स्कूली बच्चों को नियमित भोजन के साथ अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराना है। हलवा और उपमा जैसे खाद्य पदार्थों को निर्धारित मेन्यू में शामिल कर बच्चों के भोजन को विविध बनाने की कोशिश की जा रही है। अब योजना के नियमित क्रियान्वयन और भोजन की गुणवत्ता पर निगरानी अहम होगी।

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