दिल्ली के चावड़ी बाजार में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढहने के बाद पूरे इलाके में मातम और अफरा-तफरी का माहौल है। हादसे के बाद घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों की आंखें अपने अपनों को तलाशते-तलाशते पथरा गई हैं। कोई अपने भाई की तलाश कर रहा है, तो कोई बार-बार बेटे के मोबाइल पर फोन लगाकर उसकी सलामती की खबर जानने की कोशिश कर रहा है। मलबे के बीच से आती आवाजें और परिजनों की चीख-पुकार ने माहौल को बेहद गमगीन बना दिया है।
इमारत गिरने की खबर मिलते ही प्रभावित परिवारों के लोग घटनास्थल पर पहुंचने लगे। हर किसी की नजर मलबे पर टिकी है। किसी को अपने परिवार के सदस्य के सुरक्षित बाहर निकलने की उम्मीद है, तो कोई अपनों की जानकारी के लिए प्रशासन और बचाव दल से लगातार सवाल कर रहा है।
हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। पुलिस, दमकल विभाग और बचाव दल की टीमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हैं। घटनास्थल पर मशीनों और बचाव उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। इस दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि अंदर फंसे लोगों तक पहुंचा जा सके।
इस हादसे में दो लोगों की मौत होने की खबर सामने आई है, जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। बचाव अभियान के दौरान हर गुजरते पल के साथ परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है।
चावड़ी बाजार की इस घटना ने निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा और निर्माण कार्यों में बरती जाने वाली सावधानियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। घटनास्थल पर मौजूद परिवारों को अब सिर्फ एक उम्मीद है कि मलबे में फंसे उनके अपने सुरक्षित बाहर निकल आएं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

