नेशनल कॉन्फ्रेंस में अंदरूनी कलह पर फारूक अब्दुल्ला का बयान, बोले- नाराज विधायकों की शिकायतें दूर करेंगे
जम्मू-कश्मीर की सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस में चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने नाराज विधायकों को मनाने का भरोसा जताया है। उन्होंने पार्टी में टूट और बगावत की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस में किसी तरह का विभाजन नहीं होने जा रहा है। विधायकों की समस्याओं को सुना गया है और उनके समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
दरअसल, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार में 27 अक्टूबर को हुए कैबिनेट विस्तार के बाद पार्टी के कई विधायकों में नाराजगी सामने आई थी। मंत्रिमंडल में चार नए मंत्रियों को शामिल किए जाने के बाद कुछ वरिष्ठ विधायक खुद को नजरअंदाज किए जाने से असंतुष्ट बताए जा रहे थे। इसी नाराजगी के चलते विधायकों ने अलग-अलग बैठकें भी की थीं।
इस पूरे विवाद को सुलझाने के लिए शुक्रवार को श्रीनगर में फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नाराज विधायकों के साथ बैठक की। बैठक में करीब 15 से 16 विधायकों की शिकायतों और मांगों पर चर्चा हुई। विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी समस्याएं रखीं और संगठन तथा सरकार के कामकाज में सुधार की मांग की।
बैठक के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि विधायकों की शिकायतें जायज थीं और उनकी बातों को गंभीरता से सुना गया है। कुछ समस्याओं का समाधान जल्द किया जाएगा, जबकि अन्य मुद्दों को चरणबद्ध तरीके से सुलझाया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को तोड़ने की कोशिशों के बावजूद पार्टी एकजुट है।
फारूक अब्दुल्ला ने पार्टी संगठन को मजबूत करने और सरकार के कामकाज में सुधार लाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिलाने और अनुच्छेद 370 तथा 35ए के मुद्दे पर पार्टी का संघर्ष जारी रखने की बात भी दोहराई।
फिलहाल, नाराज विधायकों के साथ हुई इस बैठक को नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर जारी असंतोष को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व विधायकों की मांगों पर कितना अमल करता है और अंदरूनी मतभेदों को किस तरह सुलझाता है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

