हापुड़ के 60 साल पुराने बंधेल आभूषणों की चमक से न खाएं धोखा, धनतेरस पर खरीदारी से पहले जान लें असली और नकली की पहचान
धनतेरस और दीपावली के त्योहार पर सोने-चांदी के आभूषण खरीदने की परंपरा काफी पुरानी है। त्योहारों के इस सीजन में बाजारों में खरीदारों की भीड़ बढ़ने लगती है। लेकिन उत्तर प्रदेश के हापुड़ से सामने आई एक खास खबर ने आभूषण खरीदने वाले लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यहां करीब छह दशक पुरानी कारीगरी से तैयार होने वाले बंधेल आभूषण अपनी चमक और आकर्षक डिजाइन के लिए पहचाने जाते हैं। हालांकि, इनकी चमक देखकर असली सोना समझ लेना खरीदारों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
60 साल पुरानी कारीगरी की पहचान
हापुड़ में बंधेल आभूषण बनाने की परंपरा करीब छह दशक पुरानी बताई जाती है। स्थानीय कारीगर पारंपरिक तकनीकों के जरिए इन आभूषणों को आकर्षक रूप देते हैं। इनकी खासियत इनकी बनावट, डिजाइन और चमक है। यही वजह है कि ये आभूषण देखने में काफी आकर्षक लगते हैं और ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
चमक देखकर न करें असली सोने की पहचान
आभूषणों की खरीदारी करते समय सबसे जरूरी बात यह है कि केवल उनकी चमक और रंग के आधार पर उनकी शुद्धता का फैसला न करें। कई बार आभूषणों पर सोने जैसी चमकदार परत या फिनिश होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पूरा आभूषण शुद्ध सोने का बना है।
इसलिए धनतेरस पर बंधेल या किसी भी तरह के आभूषण खरीदते समय उनकी वास्तविक धातु, शुद्धता और कीमत की जानकारी जरूर लें।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
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सोने के आभूषण खरीदते समय BIS हॉलमार्क की जांच करें।
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हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन यानी HUID नंबर जरूर देखें।
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दुकानदार से आभूषण की शुद्धता और कैरेट की जानकारी लें।
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पक्का बिल और खरीदारी की रसीद जरूर प्राप्त करें।
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सोने की परत चढ़े आभूषण और ठोस सोने के आभूषण के बीच अंतर समझें।
त्योहार पर सतर्कता जरूरी
धनतेरस के अवसर पर सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ माना जाता है। ऐसे में ग्राहक अक्सर डिजाइन और चमक देखकर आभूषण पसंद कर लेते हैं। लेकिन खरीदारी के दौरान थोड़ी सी सावधानी आपको आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।
कुल मिलाकर, हापुड़ के बंधेल आभूषण छह दशक पुरानी पारंपरिक कारीगरी की पहचान हैं। इनकी खूबसूरती और चमक आकर्षित जरूर करती है, लेकिन खरीदारों को असली और नकली के अंतर को समझकर ही खरीदारी करनी चाहिए। त्योहार की खुशी में जल्दबाजी न करें और गुणवत्ता की पूरी जानकारी लेने के बाद ही आभूषण खरीदें।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

