संवाद सूत्र, जागरण, पोखरी (चमोली)। चंद्रशिला पट्टी में भालू के लगातार हमलों से ग्रामीणों और पशुपालकों में दहशत है। रविवार रात भिकोना गांव में भालू ने दर्शन सिंह की गौशाला तोड़कर उनके बैल को मार डाला। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है।
हाल के दिनों में बंगथल गांव में भगत लाल की गौशाला में भालू ने एक बैल को मार डाला और दूसरे को घायल कर दिया। इसी गांव में सुरेंद्र सिंह नेगी की गाय घायल हुई, जबकि दो दिन पहले दिलबर सिंह नेगी की दुधारू गाय मारी गई थी।
डुंगर गांव में राजेंद्र सिंह नेगी, किमोठा में इंदू देवी किमोठी और कांडई चंद्रशिला में संजय किमोठी की दुधारू गायों को भी भालू मार चुका है। कांडई चंद्रशिला में कलावती देवी का बैल घायल हुआ, जबकि जौरासी में शिवलाल का बैल मारा गया।
जनप्रतिनिधियों ने तहसीलदार रामकिशोर ध्यानी के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर भालू को पकड़ने और ग्रामीणों को जंगली जानवरों से सुरक्षा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रभावी कार्रवाई तक अनशन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन व्यापक किया जाएगा।
केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की नागनाथ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी कपिल गुसाईं और वन दरोगा प्रकाश कंडारी ने बताया कि भालू के रेस्क्यू, पिंजरा लगाने और ट्रैंकुलाइज करने के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही कार्रवाई होगी।
उप प्रभागीय वनाधिकारी मोहन सिंह ने वन दरोगा आनंद सिंह रावत और कर्मचारियों के साथ ड्रोन से भिकोना में भालू की लोकेशन, गतिविधियों और आवास का पता लगाने का प्रयास किया। विभाग ने मारे गए बैल के पशुपालक को नियमानुसार मुआवजे का आश्वासन दिया।
अनशन में ग्राम प्रधान बाल ब्रह्मचारी हरिकृष्ण किमोठी, विधायक प्रतिनिधि धीरेन्द्र सिंह राणा एडवोकेट, श्रवण सती, तरुण बिष्ट, नंदन राणा, प्रदीप नेगी और मनवर बासकंडी सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

