प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट डीएमई व एनएच-9 पर जिम्मेदारों की लापरवाही पलीता लगा रही है। जिस हाइवे का निर्माण लोगों की सुविधा को देखते हुए कराया गया था, वो ही लोगों की बड़ी परेशानी बन गया है।
नियमों की अनदेखी से बढ़ रही परेशानी
नियमों की अनदेखी के कारण यहां प्रतिदिन लाखों लोग जाम से जूझ रहे हैं। ऐसा नहीं है कि जाम से मुक्ति नहीं मिल सकती। छोटे-मोटे प्रयास किए जाएं तो यातायात व्यवस्था में सुधार हो सकता है, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार मजबूत इच्छाशक्ति नहीं दिखा रहे।
एनएच-9 पर क्यों लगता है लंबा जाम?
एनएच-9 का डिजाइन बनाते समय न तो सर्विस रोड दी गई और न लोडिंग व अनलोडिंग के लिए जगह दी गई। इसका नतीजा हुआ कि हाइवे पर ऑटो चालकों का कब्जा हो गया और बसों के स्टॉप से जाम लगने लगा। एनएच पर ऑटो व बस के खड़े होकर सवारी बैठाने से वाहनों के निकलने के लिए जगह नहीं बचती और लंबा जाम लगता है।
कैसे खत्म हो सकती है परेशानी?
प्रतिदिन सुबह व शाम और त्योहारी सीजन में यातायात का दबाव बढ़ने से वाहनों की कई-कई किलोमीटर की कतार लग जाती है, जिसके चलते प्रतिदिन चार लाख से अधिक वाहन जाम में फंसते हैं।
एनएच पर यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती तो की गई है लेकिन खराब ट्रैफिक इंजीनियरिंग के कारण ये भी कुछ नहीं कर पाते। अगर एनएच पर बस व ऑटो का स्टॉप समाप्त कर दिया जाए तो काफी हद तक यहां जाम समाप्त किया जा सकता है।
इन सुझावों पर हो काम तो बने बात
1. नोएडा सेक्टर 62 से पहले नोएडा मेट्रो स्टेशन के नीचे काफी खाली जमीन है। इस जगह को विकसित कर यहां बस व आटो की पार्किंग बनाई जा सकती है।
इसके लिए एनएच-9 से सटाकर लिंटर भी डाला जा सकता है, एक लेन भी नीचे उतारी जा सकती है साथ ही छिजारसी कट से आटो व बस एनएच पर न आकर इस जगह आ सकते हैं। इससे एनएच-9 पर बस व आटो खड़े नहीं होंगे और यातायात सुचारू होगा।
2. इंदिरापुरम साया गोल्ड सोसायटी के सामने एनएच-9 से सटी हुई खाली जमीन है। यहां पर भी अस्थाई बस अड्डा बनाया जा सकता है।
एनएच-9 पर जाम लगाने वाली बसों को सवारी बैठाने के लिए यहां खड़ा कराया जा सकता है। यहां आटो भी खड़े कराए जा सकते हैं। ऐसा होने से साया के सामने लगने वाला जाम समाप्त हो सकता है।
3. सीआइएसएफ कट से पहले एक बड़ा नाला है। यहां भी काफी जगह खाली पड़ी है। इस नाले पर लिंटर डालकर यहां बसों व आटो के खड़ा करने की व्यवस्था कराई जा सकती है। इससे भी जाम से मुक्ति मिलेगी।
4. नोएडा सेक्टर 62 कट से सेक्टर 128 की तरफ 10 हजार आटो चलते हैं। ये सेक्टर 62 और इस रूट पर जाम का कारण बन रहे हैं। यहां सिटी बस चलाई जाएं तो जाम से निजात मिल सकती है।
एनएच-9 ट्रैफिक मैनेजमेंट का सबसे बड़ा डिजास्टर है। खराब ट्रैफिक इंजीनियरिंग के कारण यहां जाम लग रहा है। प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के साथ अन्याय हुआ है। वाहनों की लोडिंग व अनलोडिंग के लिए सर्विस रोड या अन्य व्यवस्था कराई जानी चाहिए और न्यूनतम स्पीड लिमिट पर काम होना चाहिए।
– एसके माहेश्वरी, यातायात विशेषज्ञएनएच-9 से बस स्टाप हटाकर अन्य जगह पर बनाए जाने के लिए एनएचएआइ को पत्र लिखा गया है। एनएचएआइ इस प्रस्ताव पर काम कर रहा है। बस स्टाप हटने से यातायात व्यवस्था में सुधार हो सकेगा। फिलहाल बसों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा कराने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
– त्रिगुण बिसेन, डीसीपी यातायात, गाजियाबाद

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

