IRCTC घोटाला: लालू यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत, ED को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
बिहार की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को IRCTC होटल घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से कानूनी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने लालू यादव की याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ED को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
दरअसल, लालू प्रसाद यादव ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का निर्देश दिया गया था। दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने ED से इस मामले में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 3 दिसंबर 2026 को निर्धारित की गई है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम यानी IRCTC के रांची और पुरी स्थित होटलों के संचालन से जुड़े कथित टेंडर घोटाले का है। जांच एजेंसियों के आरोपों के अनुसार, वर्ष 2004 से 2014 के बीच होटल संचालन के ठेके देने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं हुई थीं।
प्रवर्तन निदेशालय का मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI की प्राथमिकी पर आधारित है। जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया है कि होटल संचालन के ठेके एक निजी कंपनी को देने की प्रक्रिया में कथित तौर पर हेरफेर किया गया और इसके बदले जमीन से जुड़े लेनदेन में लाभ पहुंचाया गया। ये आरोप हैं, जिन पर कानूनी प्रक्रिया जारी है।
निचली अदालत के आदेश को दी चुनौती
10 सितंबर 2026 को निचली अदालत ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया था। लालू यादव ने इसी आदेश को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है।
अब हाईकोर्ट ने ED से जवाब मांगा है। इस घटनाक्रम को लालू यादव के लिए कानूनी राहत के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन नोटिस जारी होने का अर्थ आरोपों से बरी होना या मामले का खत्म हो जाना नहीं है। मामले में अंतिम फैसला अदालत की आगे की सुनवाई के बाद ही होगा।
3 दिसंबर को अगली सुनवाई
इस मामले में अब 3 दिसंबर 2026 को सुनवाई होगी। अदालत में ED का जवाब और लालू यादव की याचिका पर होने वाली दलीलें महत्वपूर्ण रहेंगी। फिलहाल, हाईकोर्ट ने जांच एजेंसी का पक्ष जानने के लिए नोटिस जारी किया है।
IRCTC मामले में आगे क्या होता है और अदालत क्या रुख अपनाती है, इस पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजर बनी हुई है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

