पश्चिमी अफ्रीकी देश बुर्किना फासो इन दिनों अपने दो बड़े और कड़े फैसलों को लेकर चर्चा में है। वजह है कैप्टन इब्राहिम त्रोर के नेतृत्व वाली देश की सैन्य सरकार ने आतंकवाद और देशद्रोह जैसी गंभीर वारदातों से निपटने के लिए मौत की सजा को दोबारा बहाल कर दिया है।
बुर्किना फासो ने साल 2018 में मौत की सजा को खत्म कर दिया था, जिसे अब पलट दिया गया है। बता दें कि इस देश में आखिरी बार किसी को फांसी या मौत की सजा 1988 में दी गई थी।
न्याय मंत्री एडासो रोड्रिग बायाला ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि देश में आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरे से निपटने के लिए ऐसे ही सख्त कदमों की जरूरत है। अब आतंकवाद, देशद्रोह और जासूसी जैसे गंभीर अपराधों के लिए मौत की सजा दी जा सकेगी।
नए नियमों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ये प्रतियोगिताएं देश की पारंपरिक संस्कृति और सामाजिक मूल्यों का सम्मान करें। सरकार ने इस दौरान ऐसे किसी भी आयोजन के लिए परमिट देना बंद कर दिया है।
गौरतलब है कि एक तरफ जहां सरकार सांस्कृतिक आयोजनों पर सख्ती बरत रही है, वहीं दूसरी तरफ विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कदम भी उठाए गए हैं। अगस्त 2026 में सरकार ने ‘हाकिली मूसो’ नाम से एक राष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिता शुरू की। इसका उद्देश्य युवा युवतियों को गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।
इस प्रतियोगिता में 84 छात्राओं ने हिस्सा लिया। बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को राष्ट्रपति इब्राहिम त्रोर ने खुद सम्मानित किया और विज्ञान व तकनीक के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए उनका हौसला बढ़ाया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

