अमरोहा में जेल निर्माण पर फंसा पेंच: 17 करोड़ बजट फिर भी सुस्त चाल, 3 गांवों के किसानों की जमीन चिन्हित

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 जनपद में जेल निर्माण के लिए मुख्यालय से दस किलो मीटर के दायरे में जमीन का चयन कर लिया गया है। तीन गांवों के किसानों की 24.52 हेक्टेयर जमीन जेल के लिए चयनित की गई है। तहसील में किसानों की जमीनों के गाटों को खंगाला जा रहा है लेकिन, मुरादाबाद कारागार के अधिकारियों द्वारा मामले में लापरवाही बरती जा रही है।

कई बार पत्र जारी करने के बाद भी उनके द्वारा तहसील स्तर पर प्रकि्रया को तेजी के साथ आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। नतीजतन अभी तक जमीनों का प्रस्ताव ही तैयार नहीं हो पाया है।

अमरोहा जनपद में अभी तक कोई जेल नहीं बनी हुई है। जिसकी वजह से यहां के मुल्जिम व कैदियों को मुरादाबाद जिला कारागार भेजा जाता है।

जिले में जेल के लिए वर्ष 2016 में उसके लिए गांव मीरा सराय के जंगल में करीब 300 बीघा जमीन चिन्हित की गई थी लेकिन, उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया था।

वर्ष 2022 में सरकार ने फिर से प्रकि्रया को आगे बढ़ाया था लेकिन, मीरा सराय गांव नगर पालिका क्षेत्र में शामिल हो गया था। जिसकी वजह से जमीनों के दाम बढ़ गए थे।

किसानों ने जमीन देने से इन्कार कर दिया था। इसके बाद अधिकारियों ने मुख्यालय से दस किलो मीटर के दायरे में जमीन के चयन की कार्रवाई शुरू कर दी थी।

जोया ब्लाक क्षेत्र के गांव रसूलपुर गुर्जर में 24.52 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की थी। यह जमीन तीन गांव चुबका, रसूलपुर व डिडौली के किसानों की है। वर्ष 2025 में तत्कालीन डीएम निधि गुप्ता वत्स ने मुरादाबाद जिला कारागार के डीआइजी के साथ जमीन का निरीक्षण किया था।

इसके प्रशासन ने मुरादाबाद कारागार के अधिकारियों को पत्राचार कर जमीन का प्रस्ताव बनवाने के लिए अनुरोध किया था परन्तु अधिकारी लापरवाही बरतते आ रहे हैं। अभी तक कोई नहीं आया है।

कोषागार में चार साल से रखा है 17 करोड़ रुपया

जेल निर्माण के लिए किसानों से जमीन खरीदने को सरकार ने 17 करोड़ रुपया उपलब्ध कराया था। वर्ष 2022 से यह धनराशि कोषागार में सुरक्षित रखी है। अभी तक उसका कोई उपयोग नहीं हो पाया है। किसानों से जमीन खरीदने में ही धनराशि प्रयोग की जाएगी।

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