बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के समर्थन में आवाज उठाई है। अनुपम खेर ने एक मंत्री के व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए दलेर मेहंदी का पक्ष लिया और कहा कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते। उनके इस बयान के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है।
अनुपम खेर हिंदी सिनेमा के उन अभिनेताओं में शामिल हैं, जो कई बार सामाजिक और सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी राय खुलकर रखते हैं। इस मामले में भी उन्होंने दलेर मेहंदी के समर्थन में अपनी बात रखी और संबंधित मंत्री के व्यवहार को लेकर सवाल उठाए। उनके बयान ने मनोरंजन जगत के साथ-साथ सार्वजनिक जीवन में शिष्टाचार और कलाकारों के सम्मान को लेकर भी चर्चा शुरू कर दी है।
पूरी न्यूज़ स्क्रिप्ट
मामला उत्तराखंड के टिहरी जिले में आयोजित कुंजापुरी मेले का है, जहां 18 अक्टूबर को नवरात्रि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक के प्रदर्शन पर नाराजगी जाहिर की। मंत्री ने आरोप लगाया कि दलेर मेहंदी मंच पर ठीक से प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम के लिए कलाकार को दी गई करीब 35 लाख रुपये की फीस का भी जिक्र किया।
इस घटना के बाद दलेर मेहंदी के मंच पर प्रदर्शन और मंत्री के व्यवहार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मंत्री की टिप्पणी के बाद गायक के समर्थन में कई आवाजें उठने लगीं। इसी क्रम में अभिनेता अनुपम खेर का नाम भी चर्चा में आया है। उनके समर्थन से जुड़ी खबर ने मनोरंजन जगत में इस विवाद को और सुर्खियों में ला दिया है।
दलेर मेहंदी के भाई और गायक मीका सिंह ने भी अपने भाई का खुलकर बचाव किया। मीका सिंह ने शराब पीने के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते। उन्होंने यह भी बताया कि उनके भाई पिछले करीब दो वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं और इसके बावजूद कार्यक्रमों में प्रस्तुति देने की कोशिश करते हैं। मीका ने मीडिया से अपील की कि किसी भी आरोप को खबर के रूप में प्रस्तुत करने से पहले तथ्यों की जांच जरूर की जाए।
मीका सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम में कलाकार के सम्मान और सार्वजनिक मंच पर व्यवहार को अहम मुद्दा बताया। उनका कहना है कि किसी कलाकार के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए जा सकते हैं, लेकिन किसी गंभीर आरोप को बिना पुष्टि के सही मान लेना उचित नहीं है।
वहीं, इस विवाद ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में कलाकारों और आयोजकों के बीच असहमति होने पर किस तरह का व्यवहार किया जाना चाहिए। एक तरफ कार्यक्रम की गुणवत्ता और दर्शकों की अपेक्षाओं को लेकर सवाल हैं, तो दूसरी तरफ कलाकार की गरिमा और आरोपों की पुष्टि का मुद्दा भी सामने है।
फिलहाल, इस मामले में सामने आए बयानों और आरोपों को अलग-अलग समझना जरूरी है। दलेर मेहंदी पर शराब पीने से जुड़ा आरोप अपने आप में प्रमाण नहीं है। इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध तथ्यों को ध्यान में रखना चाहिए।
अब देखना होगा कि इस विवाद पर दलेर मेहंदी की ओर से आगे क्या प्रतिक्रिया आती है और क्या अनुपम खेर इस मामले में अपनी बात को लेकर कोई विस्तृत बयान जारी करते हैं। फिलहाल, कुंजापुरी मेले में हुए इस घटनाक्रम ने कलाकारों के सम्मान, सार्वजनिक व्यवहार और मीडिया की जिम्मेदारी को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

