बांग्लादेश में भारतीय एयर एम्बुलेंस की इमरजेंसी लैंडिंग से जुड़ी एक घटना सामने आई है। खबर के मुताबिक, उड़ान के दौरान करीब 12,000 फीट की ऊंचाई पर विमान का दरवाजा खुल गया। इसके बाद विमान को आपात स्थिति में उतारना पड़ा। इस घटना में मरीज की मौत की खबर है।
उड़ान के दौरान सामने आई आपात स्थिति
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एयर एम्बुलेंस में एक मरीज को ले जाया जा रहा था। उड़ान के दौरान विमान का दरवाजा खुलने की घटना ने स्थिति को गंभीर बना दिया। इसके बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग को प्राथमिकता देते हुए इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
मरीज की मौत की खबर
इस घटना में मरीज की मौत होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध विवरण से यह स्पष्ट नहीं है कि मरीज की मौत उड़ान के दौरान हुई, इमरजेंसी लैंडिंग से पहले हुई या बाद में। मौत के सटीक कारणों की पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जानकारी के आधार पर ही की जा सकती है।
एयर एम्बुलेंस में सात लोग थे सवार
बांग्लादेश के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के मुताबिक, विमान अगरतला से कोलकाता जा रहा था। 18 अक्टूबर 2026 को उड़ान के दौरान करीब 12,000 फीट की ऊंचाई पर केबिन में हवा का दबाव बनाए रखने वाली प्रणाली में खराबी आई। इससे विमान का मुख्य दरवाजा क्षतिग्रस्त होकर आंशिक रूप से खुल गया। पायलट ने आपात स्थिति घोषित की और विमान का रुख ढाका की ओर मोड़ दिया।
ढाका एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग
भारतीय एयर एम्बुलेंस ने ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थानीय समय के अनुसार दोपहर करीब 1:40 बजे सुरक्षित लैंडिंग की। विमान में दो पायलट, मरीज, डॉक्टर, पैरामेडिक और मरीज के साथ आए दो लोग सवार थे। रिपोर्ट के मुताबिक, मरीज को छोड़कर विमान में मौजूद अन्य सभी लोग सुरक्षित रहे।
अस्पताल में मरीज को मृत घोषित किया गया
मरीज की पहचान 56 वर्षीय भारतीय महिला अंजना भौमिक के रूप में हुई है। उन्हें ढाका के कुरमिटोला मल्टीकेयर स्पेशलाइज्ड अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी मौत का संबंध विमान में आई तकनीकी खराबी से था या उनकी पहले से गंभीर स्वास्थ्य स्थिति से।
अंतरराष्ट्रीय समन्वय से जुड़ी औपचारिकताएं
चूंकि एयर एम्बुलेंस भारत के भीतर अगरतला से कोलकाता जा रही थी, इसलिए ढाका में आपात लैंडिंग के बाद अंतरराष्ट्रीय प्रवेश से जुड़ी औपचारिकताओं का सवाल भी सामने आया। बांग्लादेश के अधिकारियों और भारतीय उच्चायोग ने आवश्यक प्रक्रियाओं के समन्वय में मदद की।
यह घटना विमान की तकनीकी सुरक्षा और मेडिकल इमरजेंसी के दौरान त्वरित निर्णय के महत्व को सामने लाती है। मरीज की मौत का सटीक कारण और तकनीकी खराबी से उसका संभावित संबंध जांच व आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

