शहर में दो फोरलेन की परियोजना को भले ही पूरा दिखाया जा रहा है, लेकिन अभी भी कार्य अधूरे पड़े हैं। नई परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर माल्देपुर से कदम चौराहा तक 4.455 किलोमीटर की है। इस सड़क का निर्माण होने के बाद डिवाइडर पर लाइट लगाया जाना था, लेकिन एक साल बाद भी यह कार्य नहीं हुआ
ऐसे में रात में शहर में सड़क पर अंधेरा पसर जाता है और दुर्घटनाओं का डर बना रहता है। 48.95 करोड़ रुपये की इस परियोजना में सड़क चौड़ीकरण के साथ नाली निर्माण, डिवाइडर आदि का निर्माण कार्य माल्देपुर से कदम चौराहा तक कराया गया है। जिला प्रशासन की ओर से सड़क के दोनों तरफ के नाले को फुटपाथ के रूप में रखने के लिए कहा गया था, लेकिन इस पर दुकानदारों ने अपना कब्जा जमा लिया है।ऐसे में पैदल चलने वाले राहगीर सड़क पर ठोकरें खाने को बेबस हैं। बलिया-बांसडीह फोरलेन की पुरानी परियोजना भी अधूरी पड़ी है। इस पर तीन किलोमीटर में फोरलेन के निर्माण के लिए 2015 में 51.77 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। 3 किलोमीटर में सड़क के एक लेन में नाला बना, लेकिन दूसरे लेन में नाला का निर्माण नहीं हो सका है।
सड़क के चौड़ीकरण के बाद भी लगता है जाम
शहर में दो सड़कों का चौड़ीकरण होने के बाद भी रविवार और शनिवार को छोड़कर जाम लगता है। शहर के निवासी मनोज सिंह ने बताया कि यहां की व्यवस्था को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं हैं। मुख्य सड़क को अवैध वाहन स्टैंड भी बना दिया गया है।
माल्देपुर से लेकर कदम चौराहा तक जगह-जगह सड़क पर वाहन खड़े रहते हैं। नगरपालिका की ओर से अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान भी नहीं चलाया जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केशरी प्रकाश ने बताया एनएच-31 के फोरलेन में डिवाइडर पर लाइट लगाने के लिए बजट की मांग की गई है। बजट मिलते ही कार्य पूर्ण करा दिया जाएगा। बलिया-बांसडीह फोरलेन में दूसरे लेन में नाले का निर्माण दूसरे विभाग को कराना है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

