टाटा स्टील की कैंटीनों में सुबह 10:30 बजे तक नहीं पहुंचा नाश्ता, नई व्यवस्था से कर्मचारियों में नाराजगी

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जमशेदपुर में टाटा स्टील की कैंटीनों में नाश्ते की नई व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों की परेशानी सामने आई है। खबर के मुताबिक, सुबह 10:30 बजे तक कुछ कैंटीनों में नाश्ता नहीं पहुंचने से कर्मचारियों में नाराजगी है। कंपनी ने नाश्ते और भोजन की आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए वितरण व्यवस्था में बदलाव किया है, लेकिन शुरुआती दौर में समय पर नाश्ता उपलब्ध कराने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

नाश्ते की समय-सारणी तय, फिर भी देरी की शिकायत

टाटा स्टील की सेंट्रल कैंटीन मैनेजिंग कमेटी की बैठक में नाश्ते की समय-सारणी और भोजन वितरण व्यवस्था में बदलाव को मंजूरी दी गई थी। तय व्यवस्था के अनुसार, सभी कैंटीनों में सुबह 8 बजे से 10 बजे तक नाश्ता उपलब्ध कराया जाना है। वहीं, ट्रॉली प्वाइंट पर सुबह 8 बजे से 9:30 बजे तक नाश्ता पहुंचाने का समय निर्धारित किया गया है।

ऐसे में सुबह 10:30 बजे तक नाश्ता नहीं पहुंचने की शिकायतें सामने आने पर कर्मचारियों की नाराजगी बढ़ना स्वाभाविक है। कर्मचारियों के लिए निर्धारित समय पर नाश्ता उपलब्ध होना जरूरी है, ताकि वे अपनी ड्यूटी के दौरान भोजन संबंधी परेशानी से बच सकें।

नई व्यवस्था में बदले गए वितरण क्षेत्र

कैंटीन प्रबंधन ने प्लांट के भीतर रेल और सड़क यातायात को ध्यान में रखते हुए भोजन वितरण के क्षेत्रों का नए सिरे से निर्धारण किया है। इसका उद्देश्य दूर-दराज के विभागों और ट्रॉली प्वाइंट तक नाश्ता समय पर पहुंचाना है।

नई व्यवस्था के तहत कैंटीन सेवा के संचालन में भी बदलाव किया गया है। पहले शौर्या इन को 75 प्रतिशत और सीएसएस को 25 प्रतिशत काम मिला हुआ था। अब दोनों के बीच काम का बंटवारा 50-50 प्रतिशत किया गया है। इसके लिए कंपनी परिसर को ईस्ट और वेस्ट जोन में बांटा गया है।

भोजन वितरण और सफाई के लिए तय किए गए मानक

नई व्यवस्था में भोजन वितरण के दौरान कर्मचारियों की जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गई हैं। प्रत्येक वितरण स्थल पर दो लोगों की तैनाती का प्रावधान है, जिनमें एक व्यक्ति भोजन परोसने और दूसरा सफाई की जिम्मेदारी संभालेगा। जहां 40 से अधिक कर्मचारी होंगे, वहां भोजन परोसने के लिए दो लोगों की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई है।

इन बदलावों का उद्देश्य भोजन वितरण को व्यवस्थित करना और स्वच्छता बनाए रखना है। हालांकि, व्यवस्था की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निर्धारित समय के भीतर कर्मचारियों तक नाश्ता पहुंच पाता है या नहीं।

कर्मचारियों की नाराजगी के बीच व्यवस्था पर नजर

नाश्ते में देरी की शिकायतों ने नई वितरण प्रणाली के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े किए हैं। कर्मचारियों को उम्मीद है कि कैंटीन प्रबंधन समय-सारणी का पालन सुनिश्चित करेगा और आपूर्ति में आने वाली समस्याओं को दूर करेगा।

फिलहाल, सुबह 10:30 बजे तक नाश्ता नहीं पहुंचने की शिकायतों के संबंध में प्रबंधन की आधिकारिक प्रतिक्रिया और प्रभावित कैंटीनों की विस्तृत जानकारी की पुष्टि जरूरी है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई व्यवस्था से नाश्ते की आपूर्ति में सुधार होता है या कर्मचारियों की परेशानी बनी रहती है।

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