हिंदी सिनेमा में कुछ गाने ऐसे होते हैं, जो सिर्फ मनोरंजन नहीं करते, बल्कि दर्शकों की यादों और भावनाओं का हिस्सा बन जाते हैं। 90 के दशक में आए कई रोमांटिक गीतों ने प्यार को पर्दे पर एक नई पहचान दी। इन्हीं में शाहरुख खान और काजोल की जोड़ी पर फिल्माया गया रोमांटिक गीत भी शामिल है, जिसे कुमार सानू की सुरीली आवाज ने खास बना दिया।
उस दौर में बॉलीवुड की रोमांटिक फिल्मों का संगीत दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ करता था। कैसेट और रेडियो के जमाने में प्रेम गीतों का अलग ही आकर्षण था। कुमार सानू की आवाज ने इस दौर में कई फिल्मों के रोमांटिक गानों को नई पहचान दिलाई। उनकी गायकी की खासियत यह रही कि उनके गीतों में प्यार, जुदाई और दिल की भावनाओं को सहज अंदाज में महसूस किया जा सकता था।
शाहरुख खान और काजोल की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री भी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित जोड़ियों में गिनी जाती है। दोनों कलाकारों ने अपने अभिनय से रोमांटिक कहानियों को दर्शकों के दिलों तक पहुंचाया। उनकी फिल्मों के गाने भी लंबे समय तक लोकप्रिय रहे और आज भी पुराने हिंदी फिल्मी संगीत के प्रशंसक इन्हें पसंद करते हैं।
90 के दशक में रोमांटिक गीतों की लोकप्रियता के पीछे संगीतकारों, गीतकारों और गायकों की अहम भूमिका रही। कुमार सानू इस दौर के प्रमुख पार्श्व गायकों में शामिल रहे। उनकी आवाज में रिकॉर्ड किए गए अनेक गीतों ने संगीत प्रेमियों के बीच खास जगह बनाई। यही वजह है कि उनके पुराने गाने आज भी रेडियो, म्यूजिक प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर सुनाई देते हैं।
पुराने फिल्मी गीतों की खासियत यह है कि समय बीतने के बाद भी उनका भावनात्मक असर कम नहीं होता। शाहरुख खान और काजोल की जोड़ी, 90 के दशक का रोमांटिक माहौल और कुमार सानू की आवाज—इनका जिक्र आते ही हिंदी सिनेमा के सुनहरे संगीत दौर की यादें ताजा हो जाती हैं।
इस खबर के मूल शीर्षक में जिस गाने का जिक्र किया गया है, उसका नाम और फिल्म स्पष्ट नहीं है। इसलिए 33 साल पहले रिलीज हुए गीत, उसकी फिल्म और उससे जुड़े कलाकारों के सटीक विवरण की पुष्टि के बिना किसी खास गाने को लेकर निश्चित दावा करना उचित नहीं होगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

