IIIT रांची में छात्र की मौत पर तीसरे दिन भी प्रदर्शन, निदेशक के इस्तीफे पर अड़े विद्यार्थी

1291 Shares

रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) में प्रथम वर्ष के छात्र की मौत के बाद विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी है। छात्र संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे और हॉस्टल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग पर अड़े हुए हैं। इस घटना ने संस्थान की आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

छात्र की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की 10 अक्टूबर की रात खेलगांव स्थित हॉस्टल में मौत हो गई थी। घटना के बाद विद्यार्थियों ने संस्थान की आपातकालीन व्यवस्था पर सवाल उठाए। छात्रों का आरोप है कि जरूरत के समय समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

एंबुलेंस और मेडिकल सुविधाओं पर सवाल

प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। उनका कहना है कि एंबुलेंस की उपलब्धता, जरूरी मेडिकल उपकरणों और तत्काल सहायता की व्यवस्था में कमियां थीं। छात्रों ने परिसर में चौबीसों घंटे चिकित्सा सहायता, स्थायी डॉक्टर और बेहतर एंबुलेंस व्यवस्था की मांग भी उठाई है।

निदेशक के इस्तीफे की मांग पर अड़े छात्र

विद्यार्थियों की प्रमुख मांग है कि संस्थान के निदेशक इस्तीफा दें और घटना के दौरान कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच कराई जाए। छात्रों ने हॉस्टल में बिजली, भोजन, पेयजल और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं भी उठाई हैं।

संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी शिकायतों पर विचार करने का आश्वासन दिया है। वहीं, प्रबंधन की ओर से कहा गया है कि जिम्मेदारी तय करने और कार्रवाई करने के लिए उचित प्रक्रिया का पालन जरूरी है। विरोध के चलते परीक्षाएं भी प्रभावित हुईं। <Cite refs={[“turn429192search0″,”turn429192search6”]}/>

पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की जांच में जुटीं

पुलिस ने छात्र की मौत के मामले में अप्राकृतिक मृत्यु का केस दर्ज कर जांच शुरू की है। वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी मामले का संज्ञान लिया है। जांच में मौत की परिस्थितियों के साथ-साथ आपातकालीन चिकित्सा सहायता में देरी के आरोपों की पड़ताल किए जाने की जानकारी सामने आई है। <Cite refs={[“turn429192search2″,”turn429192search3”]}/>

फिलहाल, विद्यार्थियों की मांगों और संस्थान प्रबंधन के बीच समाधान का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी या नहीं और इसके लिए किसकी जिम्मेदारी तय होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *