बेल्जियम से समुद्र मार्ग से चलकर ओडिशा के बंदरगाह से लखीमपुर खीरी जा रहा विशालकाय ट्रक पूर्वांचल के जिलों में कई दिनों से चर्चा का विषय बना है। 200 टन वजनी औद्योगिक बॉयलर लेकर चल रहे इस 308 पहियों वाले विशेष मल्टी-एक्सल हाइड्रोलिक ट्रक को महाबली ट्रक कहा जा रहा है।
शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे भारी भरकम ट्रक दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडाेर से होकर मवीकलां में दिल्ली-यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर पहुंचा। यहां से करीब 50 मीटर चलने के बाद ट्रक ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर पहुंच गया। यहां के टोल बूथ पर स्टाफ ने उसे रोक दिया और परमिट मांगा। उस समय ड्राइवर के पास परमिट नहीं था।
दो दिन में वह यहां तक पहुंचे हैं। यहां पहुंचने पर परमिट नहीं होने के कारण ट्रक को रोका गया है। टरबाइन लदे ट्रक में 162 टायर और 15 लोगों को स्टाफ है। बेहद कम गति से इस वाहन के चलने के कारण दो दिन लगे।
वहीं रात भर ट्रक टोल पर ही खड़ा रहा। एनएचएआई के नियमों को पूरा करने के बाद दिखाए गए कागजात (परमिट) के बाद ही ट्रक को शनिवार को सुबह करीब आठ बजे ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर एंट्री मिली। चालक ट्रक लेकर चला तो साथी पैदल ही ट्रक के साथ साथ हरियाणा की तरफ बढ़े।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

