साहिबगंज से बोरियो तक चलने वाली ग्रामगाड़ी बंद, सात महीने से भुगतान अटका; मुख्यमंत्री के जिले में योजना का हाल
साहिबगंज: ग्रामीण क्षेत्रों को जिला मुख्यालय से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्रामगाड़ी योजना साहिबगंज जिले में परेशानी का सामना कर रही है। साहिबगंज से बोरियो के बीच चलने वाली ग्रामगाड़ी सेवा फिलहाल बंद हो गई है। बताया जा रहा है कि संचालक को करीब सात महीने से भुगतान नहीं मिला, जिसके चलते बस का परिचालन रोक दिया गया।
साहिबगंज से महादेवगंज, मिर्जाचौकी, भगैया, मंडरो और बोआरीजोर होते हुए बोरियो तक चलने वाली यह सेवा सुदूर ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए आवागमन का अहम साधन थी। बस बंद होने के बाद यात्रियों को जिला मुख्यालय तक आने-जाने के लिए निजी छोटे और चार पहिया वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
14 रूट चिह्नित, सिर्फ दो पर शुरू हुआ परिचालन
रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री ग्रामगाड़ी योजना के तहत साहिबगंज जिले में कुल 14 रूट चिह्नित किए गए थे, लेकिन इनमें से केवल दो रूटों पर ही बस सेवा शुरू हो सकी। इनमें साहिबगंज-बोरियो रूट की सेवा भी शामिल थी, जो अब बंद है।
फिलहाल पाकुड़ के लिट्टीपाड़ा से साहिबगंज के बीच एक ग्रामगाड़ी का परिचालन हो रहा है। वहीं, डांगापाड़ा से साहिबगंज के बीच भी एक व्यक्ति ने वाहन चलाने में रुचि दिखाई है और इसके जल्द शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
रोजाना 5 से 6 हजार रुपये तक का खर्च
साहिबगंज-बोरियो ग्रामगाड़ी के संचालक के अनुसार वाहन चलाने में प्रतिदिन करीब 5 से 6 हजार रुपये खर्च होते हैं। इसमें ईंधन, चालक और अन्य परिचालन खर्च शामिल हैं। संचालक का कहना है कि लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण वाहन चलाना आर्थिक रूप से मुश्किल हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार मार्च के बाद से इस मद में राशि का भुगतान नहीं हुआ है।
योजना के तहत 33 से 42 सीट वाले वाहनों के लिए 18 रुपये प्रति किलोमीटर, 25 से 32 सीट वाले वाहनों के लिए 14.50 रुपये और 7 से 12 सीट वाले वाहनों के लिए 7.50 रुपये प्रति किलोमीटर क्षतिपूर्ति का प्रावधान बताया गया है।
छात्रों और जरूरतमंद यात्रियों की बढ़ी परेशानी
ग्रामगाड़ी सेवा में स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, विधवा महिलाओं, झारखंड आंदोलनकारियों और एचआईवी संक्रमित मरीजों सहित कुछ श्रेणियों के यात्रियों को निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलती थी। सेवा बंद होने से इन वर्गों के यात्रियों के लिए भी आवागमन मुश्किल हो गया है।
मिर्जाचौकी, मंडरो समेत आसपास के इलाकों के लोगों ने विभाग से बंद बस सेवा को जल्द बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि नियमित सार्वजनिक परिवहन नहीं होने से उन्हें निजी वाहनों पर अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
योजना के तहत वाहन खरीदने पर मिलती हैं रियायतें
मुख्यमंत्री ग्रामगाड़ी योजना के तहत वाहन संचालकों को कई तरह की रियायतें देने का प्रावधान है। इनमें रोड टैक्स में छूट, एक रुपये में रजिस्ट्रेशन और परमिट तथा स्टैंड शुल्क से छूट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके बावजूद भुगतान में देरी के कारण सेवा के संचालन पर असर पड़ रहा है।
साहिबगंज जिले में ग्रामगाड़ी सेवा की मौजूदा स्थिति ऐसे समय सामने आई है, जब सरकार की इस योजना का उद्देश्य सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नियमित और सुलभ परिवहन उपलब्ध कराना है। अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि बंद सेवा को कब तक दोबारा शुरू किया जाता है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

