गंगा घाट पर सूंड़ उठी और थम गया शोर, 200 साल पुराने रिश्ते को निभाते हुए हाथी ने रामबेटी को दी अंतिम विदाई
गंगा घाट पर उस वक्त माहौल बेहद भावुक हो गया, जब रामबेटी की अंतिम विदाई के दौरान एक हाथी वहां पहुंचा। जैसे ही हाथी ने अपनी सूंड़ उठाई, वहां मौजूद लोगों के बीच कुछ पल के लिए शोर थम गया। यह दृश्य हर किसी को भावुक कर देने वाला था।
बताया जा रहा है कि रामबेटी और हाथी के बीच करीब 200 साल पुराना रिश्ता रहा है। इसी पुराने संबंध की याद को जीवंत करते हुए हाथी रामबेटी की अंतिम विदाई में शामिल हुआ। गंगा घाट पर मौजूद लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो वे भावुक हो उठे।
रामबेटी की अंतिम यात्रा के दौरान घाट पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। वातावरण में शोक और श्रद्धा का माहौल था। इसी बीच हाथी का वहां पहुंचना और अपनी सूंड़ उठाकर प्रतिक्रिया देना लोगों के लिए यादगार पल बन गया।
हाथी और इंसान के बीच सदियों से चले आ रहे भावनात्मक संबंधों की कहानियां अक्सर सामने आती रही हैं। लेकिन किसी की अंतिम विदाई के मौके पर इस तरह हाथी का पहुंचना और वहां मौजूद रहना लोगों के लिए बेहद खास अनुभव रहा।
गंगा घाट पर मौजूद लोगों के मुताबिक, हाथी के इस व्यवहार ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कुछ देर के लिए मानो पूरा माहौल शांत हो गया और हर किसी की नजर उसी पर टिक गई।
रामबेटी की अंतिम विदाई का यह दृश्य अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। 200 साल पुराने रिश्ते की इस कहानी में इंसान और हाथी के बीच जुड़ाव की एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने गंगा घाट पर मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

