पटना: राजधानी पटना में सड़क पर घायल पड़े एक व्यक्ति को समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि घायल काफी देर तक सड़क पर मदद का इंतजार करता रहा। जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो पुलिस की जीप उसके लिए मददगार बनी और उसे अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और सड़क हादसों के बाद घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद शुरुआती समय में मिलने वाली चिकित्सा सहायता बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
एंबुलेंस का इंतजार करता रहा घायल
जानकारी के मुताबिक, सड़क पर घायल अवस्था में पड़े व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की जरूरत थी। आसपास मौजूद लोगों की ओर से मदद की कोशिश की गई, लेकिन एंबुलेंस के मौके पर पहुंचने में देरी हुई। इस दौरान घायल सड़क पर ही पड़ा रहा।
स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने पहल की। पुलिस जीप की मदद से घायल को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
सड़क हादसों में ‘गोल्डन ऑवर’ बेहद अहम
सड़क दुर्घटना के बाद घायल को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना बेहद जरूरी होता है। पटना जिला प्रशासन ने भी हाल में सड़क हादसों के पीड़ितों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा से संबंधित निर्देश जारी किए हैं और अधिकारियों को घायलों को बिना देरी अस्पताल पहुंचाने पर जोर दिया है।
पटना में सड़क हादसों के घायलों के लिए ट्रैफिक पुलिस को अतिरिक्त एंबुलेंस उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था भी की गई है। इन एंबुलेंस का उद्देश्य दुर्घटना के बाद घायलों को कम से कम समय में अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर तक पहुंचाना है।
व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर सवाल उठ रहा है कि आपात स्थिति में एंबुलेंस सेवा कितनी तेजी से मौके पर पहुंच रही है। सड़क हादसे में घायल व्यक्ति के लिए शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है और किसी भी तरह की देरी इलाज को प्रभावित कर सकती है।
फिलहाल इस मामले में घायल की स्थिति और एंबुलेंस के मौके पर नहीं पहुंचने के कारणों से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। संबंधित अधिकारियों की ओर से घटना को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आती है तो स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

