मधुबनी में ‘चाची’ के तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा, NIA-सीबीआई समेत एजेंसियां सक्रिय; बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी
मधुबनी में ‘चाची’ के तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा, NIA-सीबीआई समेत एजेंसियां सक्रिय; बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी
लॉन्ग स्क्रिप्ट
मधुबनी: भारत-नेपाल सीमा से जुड़े कथित तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। मधुबनी के बासोपट्टी क्षेत्र में कुख्यात महिला तस्कर हीरा देवी महासेठ उर्फ ‘चाची’ की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां उसके कथित नेटवर्क और सीमा पार गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उसके नेटवर्क में जाली मुद्रा समेत अन्य अवैध गतिविधियों के आरोपों की जांच की जा रही है।
‘चाची’ की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज
पुलिस और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई में हीरा देवी उर्फ ‘चाची’ को भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से सीमा क्षेत्र में सक्रिय थी और उसके कथित नेटवर्क की भूमिका जाली मुद्रा, मादक पदार्थों तथा अन्य प्रतिबंधित सामानों की तस्करी से जुड़े मामलों में जांच के दायरे में है।
जांच एजेंसियां अब उसके संपर्कों, आर्थिक लेन-देन और सीमा पार गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटा रही हैं। मीडिया रिपोर्टों में NIA और NCB की पूछताछ का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में जांच में शामिल एजेंसियों को लेकर अंतर है, इसलिए आधिकारिक एजेंसियों की विस्तृत पुष्टि का इंतजार है।
किराना दुकान की आड़ में नेटवर्क चलाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, दुहबी बाजार में किराना दुकान की आड़ में कथित तौर पर जाली नोटों का कारोबार चलाया जा रहा था। जांच में भरत महासेठ, उसकी पत्नी हीरा देवी उर्फ ‘चाची’ और शिव कुमार राउत उर्फ ‘मेहमान’ की भूमिका सामने आने की बात कही गई है। पुलिस ने इस मामले में संदिग्ध जाली नोट बरामद करने और आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है।
जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सीमा पार संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के जरिए कथित सिंडिकेट के काम करने के तरीके और उसके विस्तार की जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ाई गई निगरानी
मधुबनी से लगने वाली भारत-नेपाल सीमा पर अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही निगरानी और संयुक्त कार्रवाई पर जोर देती रही हैं। सीमा क्षेत्र में तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए एसएसबी, स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय की व्यवस्था है।
‘चाची’ नेटवर्क से जुड़े मामले के सामने आने के बाद सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी को लेकर भी चर्चा तेज हुई है। फिलहाल जांच का मुख्य फोकस कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों, आर्थिक लेन-देन और सीमा पार संपर्कों की जानकारी जुटाने पर है।
आगे और कार्रवाई की संभावना
‘चाची’ की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां कथित तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर होगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

