मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में जाली दस्तावेजों के जरिये बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनवाने के मामले में राजफाश हुआ है।
बंगाल और असम के रास्ते भारत में प्रवेश करने के बाद ये बांग्लादेशी बिहार के बोधगया स्थित मुख्य बौद्ध मठ पर पहुंचे थे।
यहां से ही देशभर के बौद्ध मठों के भंते के संपर्क में आए, फिर अलग-अलग जगह स्थित बौद्ध मठ में पहुंचे। जहां-जहां ये बांग्लादेशी रहे आधार कार्ड में पते अपडेट करवाए।
पुलिस के अनुसार, इस पासपोर्ट बनवाने वाले नेटवर्क का सरगना रियाल चौधरी असम के रास्ते भारत आया। इसके बाद बोधगया गया, वहां बौद्ध मठ में रुका। यहां का कनेक्शन बांग्लादेश के ढाका स्थित बौद्ध मठ से जुड़वाया गया। यहां के बाद वह मध्य प्रदेश के बैतूल पहुंचा।
बता दें कि मध्य प्रदेश में अब 56 बांग्लादेशियों द्वारा बौद्ध मठों के पते से पासपोर्ट बनवाने के मामले जांच के दायरे में हैं। ग्वालियर के अलावा भोपाल और बालाघाट जिले के बौद्ध मठों के पते पर पासपोर्ट बनाए गए थे।
मामले में इस नेटवर्क का सरगना रियाल चौधरी समेत चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, जितने लोगों के पासपोर्ट बनवाए गए, वे दूसरे देशों में चले गए। महाराष्ट्र से भी इस नेटवर्क का कनेक्शन सामने आ चुका है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

