भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के बंद होने का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई दे रहा है। महज चार मिनट की देरी के कारण कुछ लोगों को ऐसी परेशानी का सामना करना पड़ा कि उन्हें रात घाट पर ही बितानी पड़ी। सेतु बंद होने के चलते लोगों को आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्तों और साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
विक्रमशिला सेतु भागलपुर और आसपास के इलाकों के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसके बंद होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है और सफर का समय भी बढ़ गया है। खासकर रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त समय और परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सेतु बंद होने के बाद वैकल्पिक मार्गों पर दबाव बढ़ गया है। कई यात्रियों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। कुछ मामलों में थोड़ी सी देरी भी यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन जा रही है।
इसी तरह एक मामले में चार मिनट की देरी के कारण यात्रियों को घाट पर रात गुजारनी पड़ी। इस घटना ने सेतु बंद होने के बाद लोगों के सामने पैदा हुई व्यावहारिक दिक्कतों को उजागर किया है।
विक्रमशिला सेतु के बंद रहने की स्थिति में भागलपुर के लोगों को आवागमन की अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों की नजर अब सेतु से जुड़ी आगे की व्यवस्था और यातायात को सुचारु करने के प्रयासों पर है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

