राजस्थान के उदयपुर में सामने आए 2 करोड़ रुपये के कथित रिश्वत मामले में जांच आगे बढ़ रही है। मामले में गिरफ्तार एएसपी और एक कथित दलाल की रिमांड अवधि बढ़ा दी गई है। वहीं, पुलिस अधिकारी के रीडर की भूमिका को लेकर भी जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
जांच एजेंसियां मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर कथित रिश्वत लेनदेन से संबंधित जानकारी जुटा रही हैं। साथ ही, आरोपों से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
एएसपी और दलाल की रिमांड बढ़ी
मामले में गिरफ्तार एएसपी और कथित दलाल को अदालत के समक्ष पेश किया गया, जिसके बाद उनकी रिमांड अवधि बढ़ा दी गई। जांच के दौरान दोनों से कथित रिश्वत प्रकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित तौर पर रिश्वत की रकम किसके इशारे पर और किस उद्देश्य से मांगी या ली गई थी। इसके साथ ही लेनदेन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है।
रीडर की भूमिका भी जांच के दायरे में
मामले में एएसपी के रीडर की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या रीडर को कथित रिश्वत प्रकरण की जानकारी थी या वह किसी स्तर पर इसमें शामिल था।
फिलहाल जांच जारी है और आरोपों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

