114 राफेल लड़ाकू विमानों की डील पर बड़ा अपडेट, भारत में बनेंगे करीब 90 जेट; स्वदेशी हथियारों के एकीकरण की भी तैयारी
भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों की प्रस्तावित डील को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने फरवरी 2026 में भारतीय वायुसेना के लिए 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट की खरीद के प्रस्ताव को Acceptance of Necessity (AoN) दी थी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस खरीद के तहत अधिकांश विमान भारत में बनाए जाने हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, 114 विमानों में से करीब 90 का निर्माण भारत में फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन और एक भारतीय कंपनी के सहयोग से किया जाना है। इन विमानों में लगभग 50 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री शामिल करने की योजना बताई गई है।
स्वदेशी हथियारों को राफेल में एकीकृत करने की तैयारी
प्रस्तावित सौदे की एक अहम विशेषता भारतीय हथियारों और प्रणालियों को राफेल में एकीकृत करने की क्षमता है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत स्वदेशी हथियारों को विमान के साथ जोड़ने के लिए जरूरी तकनीकी जानकारी हासिल करने की दिशा में बातचीत कर रहा है।
कब हो सकता है अंतिम करार?
114 राफेल विमानों की खरीद का अंतिम समझौता अभी पूरा नहीं हुआ है। वाणिज्यिक बातचीत पूरी होने और कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की मंजूरी के बाद अंतिम अनुबंध पर हस्ताक्षर किए जाने की प्रक्रिया है। मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने इसके लिए Letter of Request को अंतिम रूप दे दिया था और इसे फ्रांस भेजे जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही थी।
इस प्रस्तावित सौदे से भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान बेड़े को बढ़ाने और भारत में विमान निर्माण से जुड़ी क्षमताओं को विकसित करने की दिशा में काम आगे बढ़ने की बात कही गई है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

