कार्बेट के जंगल में अब महिलाएं कराएंगी बाघ-हाथी के दीदार, बढ़ाई जाएगी सफारी वाहनों की संख्या
कॉर्बेट नेशनल पार्क में जंगल सफारी को लेकर एक नई पहल की तैयारी है। अब पर्यटकों को जंगल में बाघ और हाथियों समेत अन्य वन्यजीवों का दीदार कराने की जिम्मेदारी महिला जिप्सी चालकों को भी दी जाएगी। इसके साथ ही सफारी के लिए वाहनों की संख्या बढ़ाने की योजना है।
इस पहल का उद्देश्य पर्यटन गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षित महिला चालक पर्यटकों को जंगल सफारी पर लेकर जाएंगी और उन्हें वन्यजीवों से जुड़े अनुभव उपलब्ध कराएंगी।
सफारी में बढ़ेगी महिला भागीदारी
कॉर्बेट के जंगलों में सफारी के दौरान पर्यटक बाघ, हाथी, हिरण और अन्य वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण में देख सकते हैं। अब इस पर्यटन व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए इच्छुक महिलाओं को आवश्यक प्रशिक्षण और नियमों की जानकारी दी जाएगी।
बढ़ाई जाएगी सफारी वाहनों की संख्या
पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जंगल सफारी के लिए वाहनों की संख्या बढ़ाने की योजना भी बनाई जा रही है। इससे अधिक पर्यटकों को सफारी का अवसर मिल सकेगा और स्थानीय पर्यटन कारोबार को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
महिलाओं के जिप्सी चालक के रूप में जुड़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। वन्यजीव पर्यटन से जुड़े कामों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से क्षेत्र में उनकी आर्थिक भागीदारी को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

