कैंसर का कारण सिर्फ तंबाकू-शराब नहीं, ये 5 इंफेक्शन भी बढ़ा सकते हैं बीमारी का खतरा
कैंसर को आमतौर पर तंबाकू, शराब और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली जैसे कारणों से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, कुछ संक्रमण भी लंबे समय में शरीर में ऐसे बदलाव पैदा कर सकते हैं, जो कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं के अनुसार, कुछ संक्रमणों से जुड़े कैंसर की रोकथाम और समय पर इलाज से बीमारी का खतरा कम किया जा सकता है।
1. ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV)
HPV एक आम वायरल संक्रमण है। इसके कुछ प्रकार लंबे समय तक शरीर में बने रहने पर सर्वाइकल कैंसर समेत कुछ अन्य कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। HPV संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण और नियमित स्क्रीनिंग महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
2. हेपेटाइटिस B वायरस (HBV)
लंबे समय तक रहने वाला हेपेटाइटिस B संक्रमण लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है और लिवर कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। HBV से बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध है।
3. हेपेटाइटिस C वायरस (HCV)
क्रोनिक हेपेटाइटिस C संक्रमण लिवर में लंबे समय तक सूजन और क्षति का कारण बन सकता है। इससे सिरोसिस और लिवर कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। हेपेटाइटिस C का प्रभावी इलाज उपलब्ध है।
4. हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (H. pylori)
यह बैक्टीरिया पेट में संक्रमण और लंबे समय तक सूजन का कारण बन सकता है। लगातार संक्रमण को पेट के कैंसर के बढ़े हुए जोखिम से जोड़ा गया है। डॉक्टर की सलाह से इसकी जांच और इलाज कराया जा सकता है।
5. एपस्टीन-बार वायरस (EBV)
EBV एक आम वायरस है, जो कई लोगों में संक्रमण का कारण बनता है। हालांकि अधिकांश मामलों में इससे कैंसर नहीं होता, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में यह कुछ प्रकार के कैंसर से जुड़ा पाया गया है।
इसलिए कैंसर के जोखिम को समझते समय केवल तंबाकू और शराब जैसे कारकों पर ध्यान देना ही पर्याप्त नहीं है। कुछ संक्रमणों की रोकथाम, समय पर जांच, टीकाकरण और उचित चिकित्सा उपचार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। किसी भी संक्रमण के लक्षण या लंबे समय से बनी स्वास्थ्य समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

