डॉक्टरों से मारपीट मामले में रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द, SC ने 3 दिन में सरेंडर का दिया आदेश
‘डॉक्टरों पर हमला बर्दाश्त नहीं…’, शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे की जमानत SC से रद्द
सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों से मारपीट के मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को मिली जमानत रद्द कर दी है। अदालत ने उन्हें तीन दिन के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर होने वाले हमलों को गंभीरता से लिया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली स्थित शास्त्री नगर अस्पताल से जुड़ा है। 6 जुलाई 2026 को अस्पताल में दो डॉक्टरों के साथ कथित मारपीट हुई थी। पुलिस ने इस मामले में रमेश म्हात्रे को 9 जुलाई को गिरफ्तार किया था। घटना उस समय हुई, जब नवजात बच्चे को दूसरे अस्पताल में ले जाने की सलाह को लेकर विवाद हुआ था। अस्पताल का NICU पहले से भरा हुआ था।
घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया था। इसके बाद डॉक्टरों और मेडिकल संगठनों की ओर से कार्रवाई की मांग की गई थी।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने दी थी जमानत
बॉम्बे हाई कोर्ट ने अगस्त में रमेश म्हात्रे को कुछ शर्तों के साथ जमानत दी थी। शर्तों में गवाहों या पीड़ित डॉक्टरों से संपर्क नहीं करने और महाराष्ट्र से बाहर रहने जैसी पाबंदियां शामिल थीं। बाद में जमानत के खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अस्पतालों में डॉक्टरों पर हमले को लेकर कड़ी टिप्पणी की थी। अब अदालत ने जमानत रद्द करते हुए म्हात्रे को तीन दिन के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों पर हमला करने की घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जा सकता। अदालत ने मेडिकल पेशे से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता जताई।
मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी और आरोपों पर अंतिम फैसला संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

