एशियन चैंपियनशिप मेडलिस्ट और टोक्यो ओलंपियन शिवपाल सिंह ने कर दी भारी मिस्टेक, 10 साल के लिए हुए बैन; करियर तो गया अब
एशियन चैंपियनशिप के सिल्वर मेडलिस्ट और टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले भालाफेंक खिलाड़ी शिवपाल सिंह पर डोपिंग के कारण 10 साल का बैन लगाया गया है। शिवपाल पर ये बैन राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने डोपिंग टेस्ट में फेल होने के बाद लगाया है। शिवपाल के सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ के अंश पाए गए थे।
पहले लगाया था चार साल का बैन
नाडा ने सबसे पहले शिवपाल पर चार साल का बैन लगाया था और ये बैन अगस्त 2022 में लगाया था जिसकी शुरुआत 2021 से मानी गई थी, लेकिन शिवपाल ने इस बैन के खिलाफ अपील की जो सफल रही थी और जनवरी 2023 में नाडा के पैनल ने उनके चार साल के बैन को एक साल का कर दिया था। इसके कारण शिवपाल अप्रैल 2023 में वापस मैदान पर आ गए थे। उन्होंने इंटर स्टेट चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल भी जीता था। हालांकि, उनके हालिया मामले ने उनके करियर पर सवाल कड़े कर दिए हैं क्योंकि ये सजा काफी कड़ी है और इस कड़ी सजा के पीछे वजह उनका दूसरी बार डोपिंग रोधी नियमों का उल्लंघन है।
शिवपाल ने 2019 एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था। वहां उन्होंने 86.23 मीटर की थ्रो फेंकी थी जो उनकी बेस्ट थ्रो थी। टोक्यो ओलंपिक-2020 में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
कई खिलाड़ियों पर डोपिंग का साया
शिवपाल इकलौते भारतीय एथलीट नहीं हैं जिनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। हाल ही में स्प्रिंटर एमवी जिल्ना को भी अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है। वह भी दूसरी बार डोपिंग में फेल हुई हैं। एशियन गेम्स-2018 में हैप्थालॉन में मेडल जीतने वाली स्व्पना बर्मन को भी प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन का दोषी पाया गया था। भारत में हाल के समय में डोपिंग के मामले काफी तेजी से सामने आ रहे हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

