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एशियन कोर्ट में मामला दर्ज: CAS से पहले भी झटका खा चुका है गोवा का चर्चिल ब्रदर्स, क्या फिर अधर में लटकेगा ISL का सपना?
इंडियन सुपर लीग (ISL) में जमशेदपुर एफसी (Jamshedpur FC) के स्पोर्टिंग लाइसेंस को गोवा के क्लब चर्चिल ब्रदर्स (Churchill Brothers) को हस्तांतरित करने का मामला अब अंतरराष्ट्रीय खेल मध्यस्थता अदालत (CAS, स्विट्जरलैंड) की कानूनी चौखट पर पहुंच गया है।
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के सूत्रों के अनुसार, CAS में याचिका दायर कर टाटा स्टील और चर्चिल ब्रदर्स के बीच हुए शेयर खरीद समझौते (SPA) तथा लाइसेंस हस्तांतरण पर तुरंत अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई है। इस शिकायत के बाद भारतीय फुटबॉल गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
भविष्य पर मंडराया अनिश्चितता का संकट
फिलहाल AIFF की लीगल टीम 31 अगस्त 2026 की अंतिम समय सीमा तक इस पूरे सौदे के दस्तावेजों की तकनीकी जांच कर रही है।
हालांकि, महासंघ की औपचारिक हरी झंडी मिलने से पहले ही मामला सीएएस (CAS) पहुँच जाने से इस हस्तांतरण पर अनिश्चितता के बादल गहरा गए हैं।
यदि स्विट्जरलैंड स्थित अदालत इस ट्रांसफर पर स्टे ऑर्डर जारी कर देती है, तो चर्चिल ब्रदर्स का आगामी ISL सत्र में खेलने का सपना अधर में लटक सकता है।
करार का सच: महज ₹100 में ट्रांसफर हुआ ISL का लाइसेंस
लगातार वित्तीय घाटे और नकारात्मक नेट वर्थ के चलते टाटा स्टील ने जमशेदपुर एफसी के ‘फर्स्ट टीम ऑपरेशंस’ को बंद करने की घोषणा की थी।
इसके बाद 14 अगस्त को टाटा स्टील ने अपनी 100% हिस्सेदारी (4.08 करोड़ शेयर) गोवा के फुटबॉल क्लब चर्चिल ब्रदर्स को महज 100 रुपये की नाममात्र टोकन राशि पर स्थानांतरित कर दी थी।
इस सौदे के तहत ISL का कीमती स्पोर्टिंग लाइसेंस, 12 खिलाड़ी और मुख्य कोच ओवेन कोएल (Owen Coyle) सहित दो कोचों के अनुबंध भी चर्चिल ब्रदर्स के पास चले गए। भारतीय फुटबॉल विशेषज्ञों द्वारा इसे ISL में चर्चिल ब्रदर्स का ‘बैकडोर प्रवेश’ माना जा रहा था।
CAS में चर्चिल ब्रदर्स का पुराना इतिहास
चर्चिल ब्रदर्स का अंतरराष्ट्रीय अदालत से विवादों का पुराना नाता रहा है। आई-लीग (I-League) 2024-25 सत्र में AIFF ने चर्चिल ब्रदर्स को प्रोविजनल चैंपियन घोषित किया था।
हालांकि, दूसरे स्थान पर रही ‘अंतर काशी’ (Inter Kashi) टीम ने खिलाड़ी की पात्रता (Eligibility) विवाद को CAS में चुनौती दी थी।
जुलाई 2025 में CAS ने अंतर काशी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें आधिकारिक चैंपियन घोषित कर दिया था और सीधे ISL में प्रमोशन दे दिया था।
इस फैसले के बाद सीधे प्रमोशन से चूके चर्चिल ब्रदर्स ने जमशेदपुर एफसी के अधिग्रहण के जरिए ISL में जगह बनाने का विकल्प चुना था, जो अब एक बार फिर कानूनी अड़चनों में घिरता नजर आ रहा है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

