उत्तराखंड के ओम पर्वत से बर्फ गायब… मानसून में काली पड़ी चोटी, 10 सालों में हुआ तीसरी बार
जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। गर्मियों में चांदी की तरह चमकने वाला ओम पर्वत सहित आसपास की चोटियां मानसून काल में काली पड़ जाती हैं।
मानसून काल पूरे वर्ष भर में ऐसा कालखंड होता है जब हिमपात नहीं होता है और बर्फीले क्षेत्रों में रिमझिम वर्षा होती है फलस्वरुप बड़े गलेशियरों को छोड़कर अन्य चोटियों की बर्फ तेजी से पिघलती है।
इसी क्रम में मध्य जुलाई के बाद ओम पर्वत सहित आसपास की चोटियों की बर्फ पिघलनी शुरू हो जाती है। मध्य अगस्त तक ओम पर्वत में ओम आकृति की बर्फ काफ़ी पिघल जाती है।
2016, 2024 और इस बार पूरी ही बर्फ पिघली
किसी वर्ष पूरी बर्फ तो कभी बर्फ की हल्की सी रेखा ही नजर आती है। जिसका कारण जानकार ओम पर्वत का ग्लेशियर नहीं होना बताते हैं।
ओम पर्वत के सबसे निकटवर्ती गुंजी गांव के 98 वर्षीय मंगल सिंह गुंज्याल बताते हैं कि आषाड़ और सावन माह में बर्फबारी नहीं होती है। भादो माह से हिमपात शुरू हो जाता है। पहले ही हिमपात में ओम पर्वत चमकना शुरू हो जाता है। वह बताते हैं कि कभी पूरा ही ओम पर्वत बर्फविहीन तो कभी हल्की बर्फ ही शेष रह जाती है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

