अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटक केंद्र कुशीनगर में 30 एकड़ क्षेत्र में बुद्धा आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर स्थापित करने की योजना है। इससे कुशीनगर के स्थानीय कला शिल्प का अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रेज बढ़ेगा, कुशीनगर में पर्यटकों का ठहराव बढ़ेगा।
अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन केंद्र कुशीनगर में पर्यटकों नया अनुभव देने और स्थानीय कला-शिल्प को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने के लिए बुद्धा आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर स्थापित करने की योजना है। इस परियोजना को केवल खरीदारी केंद्र के बजाय बौद्ध कला, संस्कृति और पर्यटन अनुभव के केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
प्रस्तावित केंद्र में बौद्ध संस्कृति से जुड़े हस्तशिल्प, मूर्तियां, चित्र, टी शर्ट, स्मृति-चिह्न और अन्य कलात्मक उत्पादों को प्रदर्शित करने के साथ बिक्री की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। पर्यटक इन्हें यादगार वस्तु के तौर पर खरीदकर अपने साथ ले जाएंगे। इससे पर्यटकों को स्थानीय कारीगरों और युवाओं को जोड़ा जाएगा।
लोगों को मिलेंगी कई सुविधाएं
उनके लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। बुद्ध शांति के सबसे बड़े चेहरे हैं। लगभग सभी धर्मों के लोग अपने घरों में शांति के प्रतीक के रूप में बुद्ध की प्रतिमा, उनसे संबंधित चित्र, पेंटिंग आदि रखते हैं। विश्व में भगवान बुद्ध की मूर्तियों का लगभग 25 मिलियन डॉलर का मार्केट है।
कुशीनगर आने वाले दक्षिण पूर्व एशिया के बौद्ध देशों सहित विश्व के अन्य देशों से आने वाले अधिकांश पर्यटक माथा कुंवर बुद्ध मंदिर, महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर, रामाभार स्तूप सहित अन्य अन्य दर्शनीय स्थलों का एक ही दिन में भ्रमण कर अगले गंतव्य को चले जाते हैं।
आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर विकसित होने पर पर्यटकों को यहां रुक कर बौद्ध कला और स्थानीय शिल्प को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ने के साथ होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, गाइड और स्थानीय बाजार को भी लाभ मिलेगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

