शिमला: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के पदोन्नति (प्रमोशन) से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि सिर्फ एफआईआर दर्ज होने या चालान पेश किए जाने के आधार पर किसी कर्मचारी की पदोन्नति नहीं रोकी जा सकती।
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि केवल आपराधिक मामला दर्ज होना या अदालत में चालान दाखिल होना किसी कर्मचारी को पदोन्नति से वंचित करने का पर्याप्त आधार नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में सक्षम प्राधिकारी को लागू नियमों और प्रत्येक मामले के तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना होगा।
अदालत ने यह भी कहा कि पदोन्नति से संबंधित निर्णय कानून और सेवा नियमों के अनुरूप होने चाहिए तथा किसी कर्मचारी के साथ केवल आरोपों के आधार पर प्रतिकूल व्यवहार नहीं किया जा सकता।
हिमाचल हाई कोर्ट का यह फैसला सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि भविष्य में ऐसे मामलों में यह निर्णय एक अहम कानूनी संदर्भ के रूप में देखा जाएगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

