महराजगंज: उत्तर प्रदेश के सोहगीबरवा वन्यजीव अभयारण्य में गौर (भारतीय बाइसन) की संख्या बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। वन विभाग दूसरे वन क्षेत्रों से गौर लाकर उन्हें यहां बसाने की योजना पर काम कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य अभयारण्य में वन्यजीवों की आबादी बढ़ाना और जैव विविधता को मजबूत करना है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित योजना के तहत उपयुक्त वन क्षेत्रों से गौर को वैज्ञानिक तरीके से स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए उनके प्राकृतिक आवास, भोजन, जल स्रोत और सुरक्षा जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का आकलन किया जा रहा है, ताकि नए वातावरण में उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि गौर जैसे बड़े शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या बढ़ने से जंगल का पारिस्थितिक संतुलन मजबूत होगा। साथ ही इससे वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और सोहगीबरवा वन्यजीव अभयारण्य की जैव विविधता और अधिक समृद्ध होगी।
वन विभाग का कहना है कि इस परियोजना को वन्यजीव संरक्षण से जुड़े सभी निर्धारित मानकों और विशेषज्ञों की सलाह के अनुरूप लागू किया जाएगा। योजना के सफल होने पर यह क्षेत्र वन्यजीव संरक्षण और इको-टूरिज्म के लिहाज से भी अधिक आकर्षक बन सकता है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

