गोस्वामी श्रृंखला–7: शिकायतों पर विभागीय पत्राचार के बाद भी कार्रवाई अधर में, अब नगरीय प्रशासन तक पहुंचा मामला

8.8kViews
1474 Shares

सिंगरौली। नगर पालिक निगम सिंगरौली के विद्युत विभाग में पदस्थ उपयंत्री प्रवीण कुमार गोस्वामी से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में है। गोस्वामी की नियुक्ति, पदोन्नति तथा कथित अनियमितताओं को लेकर पूर्व में हुई शिकायतों और विभागीय पत्राचार के बावजूद अब तक अंतिम कार्रवाई सामने नहीं आने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

नगर पालिक निगम से जारी एक पत्र में कलेक्टर सिंगरौली को संबोधित करते हुए प्रवीण कुमार गोस्वामी के संबंध में प्राप्त शिकायतों का उल्लेख किया गया है। पत्र में अनुकंपा नियुक्ति, कथित कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पदोन्नति तथा आय से अधिक संपत्ति की जांच से जुड़े विभिन्न पत्रों और शिकायतों का हवाला दिया गया है। साथ ही पूर्व में भेजी गई जांच प्रतिवेदन का भी उल्लेख किया गया है। पत्र के अनुसार इस मामले में पूर्व में भी जांच प्रतिवेदन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को भेजा गया था। शिकायतों के संबंध में विभागीय स्तर पर पत्राचार होने के बावजूद मामला लंबे समय से लंबित बना हुआ है, जिससे कार्रवाई की स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

इस मामले को लेकर लगातार समाचार प्रकाशित होने के बाद अब यह चर्चा भी सामने आ रही है कि गोस्वामी से जुड़ी समाचार श्रृंखला और शिकायतों की जानकारी नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के कार्यालय तक पहुंच चुकी है। यदि ऐसा है, तो आने वाले समय में विभागीय स्तर पर इस प्रकरण में क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

सूत्रों का कहना है कि इतने वर्षों से विभिन्न स्तरों पर शिकायतें और पत्राचार होने के बावजूद यदि कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आता है, तो इससे शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराकर वास्तविक तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए।

अब देखना यह होगा कि मंत्री कार्यालय तक मामला पहुंचने के बाद संबंधित विभाग इस प्रकरण में कोई नई जांच या कार्रवाई करता है अथवा नहीं। यदि भविष्य में सक्षम प्राधिकारी द्वारा कोई निर्णय या जांच रिपोर्ट जारी की जाती है, तो उससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *