जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने कहा कि मच्छरों की रोकथाम के लिए तुलसी, नीम, लेमनग्रास, सिट्रोनेला, गेंदा, पुदीना, लैवेंडर, रोजमेरी के पौधे लगाए जाएं। इसके लिए लोग को प्रेरित करें। संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग संग सभी संबंधित विभाग कार्ययोजना के अनुरूप अभियान की गतिविधियां संपन्न कराएं।
चिह्नित हाई रिस्क एरिया से संबंधित ग्राम पंचायत एवं वार्डों में एंटी लार्वा का छिड़काव/फागिंग तथा स्वच्छता एवं जागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
ये बातें डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आहूत अंतरविभागीय बैठक कहीं। कहा कि अभियान पहली से 31 जुलाई तक संचालित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि सुनिश्चित किया जाए कहीं पर मच्छर के लार्वा न पनपने पाएं, उन्होंने हाई रिस्क एरिया से संबंधित प्रधानों/प्रशासकों को प्राथमिकता पर शनिवार तक एंटीलार्वा के छिड़काव संबंधी रसायनों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिया।
जिला पंचायत राज अधिकारी उपेंद्र पांडेय को वर्षा होने पर तत्काल एंटीलार्वा का छिड़काव करने का निर्देश दिया। डीएम ने समस्त विद्यालयों में वाटर टैंक की सफाई कराने, अधोमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जन सामान्य को जागरूक करें कि वे घर एवं आसपास साफ-सफाई रखें। जलभराव न होने दें। कूलर एवं पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें।
बुखार, दस्त अथवा अन्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। 27 जून को अभियान को सफल बनाने के लिए ब्लाक एवं जनपद स्तर पर माइक्रोप्लान की उपलब्धता एवं अंतिम रूप देने का निर्देश दिया।
बैठक में सीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार, डीडीओ सविता सिंह, सीएमएस डॉ. पीएन यादव, डीआइओएस डॉ. कौस्तुभ सिंह, कृषि अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. नवनिधि मिश्रा, समस्त खंड विकास अधिकारी एवं समस्त अधिशासी अधिकारी आदि उपस्थित रहे।


