चंडीगढ़ में गेस्ट और कांट्रैक्ट कर्मचारियों को बड़ा झटका; अब नहीं मिलेगा DA, वित्त सचिव ने किया स्पष्ट

 गेस्ट और कांट्रैक्ट कर्मियों को दिया जा रहा महंगाई भत्ता (डीए) गलत है इसे अब नहीं दिया जाएगा। यदि डीए देना है तो इसके लिए पाॅलिसी बनानी होगी। यह जबाव वित्त सचिव दीप्रा लाकड़ा ने शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि मंडल को दिया है।

स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षक ज्वाइंट एक्शन कमेटी आफ टीचर्स यूनियन और भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ स्कूल शिक्षा निदेशक नितिश सिंगला और वित्त सचिव से मिलने पहुंचे थे।

स्कूल शिक्षा विभाग में वर्किंग गेस्ट और कांट्रैक्ट कर्मियों का डीए जुलाई 2025 से रुका हुआ है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि स्कूल शिक्षा निदेशक ने डीए न मिलने पर कमेटी बनाकर इसे जारी करने के निर्देश दिए है, लेकिन वित्त सचिव वर्ष 2016 में प्रशासन में बनाई गई डीए पालिसी को नकार दिया।

वित्त सचिव के अनुसार वर्ष 2016 में कार्मिक विभाग की तरफ से पाॅलिसी गलत बनाई है और उसके अनुसार डीए नहीं मिलेगा।

पाॅलिसी के अनुसार डीए का प्रावधान नियमित कर्मियों के समान होगा। उसी पाॅलिसी के आधार पर कांट्रैक्ट और गेस्ट कर्मियों को 55 प्रतिशत का डीए मिला है लेकिन जुलाई 2025 में मिलने वाले 58 और जनवरी 2026 में मिले 60 प्रतिशत डीए पर वित्त विभाग ने ब्रेक मारी हुई है।

जायज मांगे नहीं मानी तो संघर्ष होगा तेज

वित्त सचिव के रवैये को देखकर भारतीय मजदूर संघ के अतिरिक्त महामंत्री शिव मूरत ने कहा कि प्रशासन के आला अधिकारियों का व्यवहार उचित नहीं है। आला अधिकारी दस वर्ष पुराने बनाए हुए नियमों पर सवाल खड़ा करते हुए दूसरे विभाग के अधिकारियों को भी उलझा रहे हैं।

बीते 11 महीनों से स्कूल शिक्षा विभाग की फाइलें एक से दूसरे टेबल पर घूम रही है और वित्त विभाग हर बार नया-नया आब्जेक्शन लगाकर उसे होल्ड कर रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में हम गेस्ट और कांट्रैक्ट कर्मियों की मांगों के लिए संघर्ष तेज करेंगे।

पंजाब सेवा नियम के तहत बची छुट्टियां का दें बैलेंस

ज्वाॅइंट एक्शन कमेटी के प्रेस सचिव कृष्ण राठी ने बताया कि वित्त विभाग में डीए के अलावा वर्ष 2022 से पहले की हाफ पे लीव का बैलेंस भी बचा हुआ है, जिसका भुगतान नहीं किया जा रहा।

पंजाब सेवा नियमों के अनुसार शिक्षकों को छुट्टियां का भुगतान होता था। अब चंडीगढ़ में सेंट्रल सर्विस रुल्स है जिसके अनुसार छुट्टियां नहीं मिलेंगी। यदि प्रशासन छुट्टियां नहीं दे सकता तो छुट्टियां का पुराना भुगतान होगा जो कि चार वर्षो में किसी को नहीं मिला है।

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