वाराणसी में पांच मिनट रुकेगी महानगरी एक्सप्रेस, रेलवे बोर्ड से आख‍िरकार म‍िल गई मंजूरी, घट गई थी स्‍टेशन की कमाई

जल्द ही यात्री मुंबई जाने वाली ट्रेन महानगरी की सवारी फिर कैंट (वाराणसी) स्टेशन से कर सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने ट्रेन को पांच मिनट का विशेष ठहराव देने की मंजूरी दे दी है। कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए रेलवे बोर्ड के निदेशक कोचिंग संजय आर नीलम ने 22177/22178 (छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस–बनारस) महानगरी एक्सप्रेस समेत तीन महत्वपूर्ण ट्रेनों को पूर्वोत्तर रेल के बनारस रेल मंडल को सौंप दिया था।

जिसके क्रम में महानगरी एक्सप्रेस 85 दिनों से बनारस रेलवे स्टेशन से ही मुंबई के लिए रवाना हो रही है। चूंकि इस ट्रेन की सवारी वर्षों से यात्री वाराणसी से करते चले आ रहे थे, इसलिए रेलवे के व्यापक प्रचार-प्रसार के बाद भी यात्रियों की ट्रेन छूटने और चलती ट्रेन से उतरने के फिराक में उनके घायल होने की घटनाएं बदस्तूर रहीं।

ऐसे में रेलवे के निर्णय ने हजारों यात्रियों के चेहरे पर मुस्कुराहट लौटा दी है। रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक (कोचिंग) विवेक कुमार सिन्हा ने महानगरी को नया ठहराव देने का आदेश जारी करते हुए बनारस से मुंबई के लिए खुलने वाली महानगरी एक्सप्रेस को सुबह 9:35 के बजाए 9:30 बजे रवाना करने को कहा है।

इस तरह परिचालन समय में कोई बदलाव नहीं किए जाने के कारण ट्रेन कैंट (वाराणसी) पर 9:35 बजे पहुंचकर 9:40 बजे रवाना होकर अपने निर्धारित समय 10:06 मिनट पर काशी रेलवे स्टेशन पर अगला ठहराव ले सकेगी। रेलवे बोर्ड ने आदेश जारी करने के क्रम में कैंट (वाराणसी) स्टेशन पर टिकटों की बिक्री पर सतत एवं विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं, जिससे भविष्य में इस निर्णय की समीक्षा की जा सके।

19 दिसंबर को बनारस को मिली थीं तीन महत्वपूर्ण ट्रेनें : कैंट (वाराणसी) रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही का दबाव बढ़कर औसतन डेढ़ लाख तक रोजाना हो गया है। ऐसे में रेलवे बोर्ड ने बीते 19 दिसंबर को एक आदेश जारी कर 22177/22178 महानगरी एक्सप्रेस, 14223/14224 बुद्धपूर्णिमा एक्सप्रेस और 22467/22468 बनारस-गांधीनगर कैपिटल एक्सप्रेस को बनारस रेलवे स्टेशन को सौंप दिया। इससे कैंट रेलवे स्टेशन पर जहां यात्रियों को दबाव कम हुआ था, वहीं महानगरी के समय होने वाली भारी भीड़ में थोड़ी कमी जरूर आ गई थी।

महानगरी एक्सप्रेस : कैंट रेलवे स्टेशन की कम हो गई थी कमाई महानगरी एक्सप्रेस के छिन जाने से वाणिज्य विभाग के आय में भारी कमी आ गई थी। टिकटों की बिक्री पर भी इसका जबरदस्त असर पड़ा था। इन दुश्वारियों के अलावा रेल यात्रियों को हो रही परेशानी के दृष्टिगत नार्दन रेल प्रशासन ने बीते 18 मई को एक प्रस्ताव भेजा था, जिसके क्रम में महानगरी एक्सप्रेस को ठहराव देने का निर्णय लिया गया है।

20 मई को जारी हुआ आदेश, अब अफसरों के यहां अटका है मामला : कैंट स्टेशन पर गाड़ी न रुकने से आए दिन लोगों की ट्रेन छूट रही थी। रेलवे बोर्ड के इस निर्णय से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि इससे रेलवे की आय में भी सुधार होगा। महानगरी एक्सप्रेस का ठहराव वाराणसी के यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो लंबे समय से इस सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे थे। अब यात्रियों को ट्रेन छूटने की चिंता नहीं रहेगी और वे सुरक्षित रूप से यात्रा कर सकेंगे।

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