मेट्रीमोनियल साइट पर खुद को अविवाहित और सरकारी नौकरीपेशा बताकर एक युवक ने शादी का झांसा देकर युवती और उसके परिवार से लाखों रुपये ठग लिए। युवक की असलियत तब सामने आई जब युवती ने इंस्टाग्राम पर उसकी एक महिला के साथ तस्वीर देखी। जांच में पता चला कि आरोपित पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। पीड़ित की शिकायत पर मुगलपुरा पुलिस ने आरोपित, उसकी मां और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुगलपुरा के मोहल्ला पीरगैब निवासी युवती ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 21 मार्च 2026 को मेट्रीमोनियल वेबसाइट जीवनसाथी डाट काम के माध्यम से उसकी बातचीत हरिद्वार निवासी कार्तिक नामक युवक से शुरू हुई थी। कार्तिक ने स्वयं को सरकारी विभाग में क्लर्क के पद पर कार्यरत और अविवाहित बताया था।
धीरे-धीरे उसने युवती और उसके परिवार का विश्वास जीत लिया। पीड़ित के अनुसार तीन मई 2026 को कार्तिक एक महिला और दो पुरुषों के साथ उसके घर पहुंचा। उसने महिला को अपनी मां सुनीता, जबकि दोनों पुरुषों को पिता और रिश्ते का भाई बताया। बातचीत के बाद दोनों परिवारों के बीच रिश्ता तय हो गया और टीका रस्म के दौरान युवती के स्वजन ने कार्तिक को 2.51 लाख रुपये नकद दे दिए।
इसके बाद भी आरोपित ने अलग-अलग बहाने बनाकर 2.85 लाख रुपये और ले लिए। मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब 12 मई को युवती ने इंस्टाग्राम पर कार्तिक की प्रोफाइल फोटो में एक महिला को देखा। पूछताछ करने पर कार्तिक ने उसे अपनी पत्नी काव्या उर्फ किरन बताया।
इसके बाद युवती ने अपने स्तर से जानकारी जुटाई तो पता चला कि आरोपित हरिद्वार के बहादराबाद क्षेत्र का रहने वाला है। वह पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। आरोप है कि कार्तिक और उसके साथियों ने सुनियोजित तरीके से झूठ बोलकर उसे जाल में फंसाया और कुल 5.36 लाख रुपये की ठगी की। यह भी आरोप है कि आरोपित अब भी मेट्रीमोनियल साइट पर सक्रिय है और अन्य युवतियों को निशाना बना सकता है।


