सीबीआई ने नीट पेपर लीक मामले में दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से धनंजय लोखंडे और दूसरी पुणे से मनीषा वाघमारे है। सीबीआई अभी तक सात आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। दो दिन की जांच में प्रश्नपत्र की मूल कापी पुणे से लीक होने की बात सामने आ रही है, जिसे बाद में वाट्सएप के जरिये से नासिक, जयपुर और गुरुग्राम तक वितरित किया गया।
पिछले 24 घंटों में सीबीआई ने देश के 14 स्थानों पर छापे मारे
सीबीआई नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के किसी अंदरूनी व्यक्ति की इस मामले में संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच के सिलसिले में पिछले 24 घंटों में सीबीआई ने देश के 14 स्थानों पर छापे मारे। उधर, दिनभर देश के कई हिस्सों में एनटीए को तत्काल भंग करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी रहे।
सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुणे से गिरफ्तार मनीषा वाघमारे की अन्य आरोपितों से मोबाइल पर बातचीत के साथ-साथ लाखों रुपये की लेन-देन के सुबूत मिले हैं। पूछताछ में वाघमारे इस बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रही है।
सीबीआई फिलहाल वाघमारे की पृष्ठभूमि के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे रही है। लेकिन पुणे से प्रश्नपत्र लीक होने को देखते हुए उसकी गिरफ्तारी को अहम माना जा रहा है। वहीं, अहिल्यानगर से गिरफ्तार धनंजय लोखंडे का भी पुणे से संबंध बताया जा रहा है।
एनटीए के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है
वरिष्ठ अधिकारी ने उम्मीद जताई कि पेपर लीक के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में इन दोनों की गिरफ्तारी अहम साबित हो सकती है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान पेपर लीक होने से लेकर छात्रों तक पहुंचने की एक-एक कड़ी को जोड़ा जा रहा है। इसमें एनटीए के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
सीबीआई ने एनटीए मुख्यालय से अहम इलेक्ट्रॉनिक्स दस्तावेज बरामद किए हैं और उनकी फोरेंसिक जांच की रही है। संदेह है कि पेपर लीक उजागर होने के बाद बहुत सारे आरोपितों ने अपने मोबाइल व अन्य उपकरणों से इलेक्ट्रॉनिक सुबूत मिटाने की कोशिश की होगी।
गिरफ्तार पांच लोगों को रिमांड पर लिया
बुधवार को गिरफ्तार पांच लोगों शुभम खैरनार (नासिक), मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल (तीनों जयपुर) और यश यादव (गुरुग्राम) को सीबीआइ ने पूछताछ के लिए सात दिनों की रिमांड पर लिया है।
गुरुवार को गिरफ्तार अन्य दो लोगों को ट्रांजिट रिमांड पर पूछताछ के लिए लाया जा रहा है। गुरुवार सुबह सीबीआइ की एक टीम ने जयपुर के जमवा रामगढ़ में बिवाल परिवार से जुड़े परिसरों तलाशी ली और कई डिजिटल उपकरण व दस्तावेज जब्त कर लिए।
आरोपितों के परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई और उनके बयान भी दर्ज किए गए। साथ ही महाराष्ट्र के लातूर में एक स्थानीय कालेज के सेवानिवृत्त शिक्षक को हिरासत में लिया है।
मांगीलाल ने पेपर के लिए शुभम से किया था संपर्क
प्रेट्र के अनुसार, पांच आरोपितों की पेश के दौरान सीबीआई ने विशेष अदालत में बताया कि अप्रैल, 2026 में नासिक के एक शुभम खैरनार ने यश यादव को बताया था कि मांगीलाल ने परीक्षा से पहले अपने छोटे बेटे के लिए 10-12 लाख रुपये में नीट-यूजी, 2026 के लीक हुए प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने के लिए संपर्क किया था।
29 अप्रैल को यश यादव ने टेलीग्राम के जरिये फिजिक्स, कैमिस्ट्री व बायोलाजी के लीक हुए प्रश्नपत्रों की पीडीएफ शेयर किए। मांगीलाल ने 10 लाख रुपये में यश यादव से लीक हुए पेपर हासिल किए थे और उनकी प्रतियां नीट अभ्यर्थियों को बांटी थीं, जिनमें उसका बेटा अमन बीवाल, उसके रिश्तेदार और जान-पहचान वाले शामिल थे।
विकास बीवाल ने कई अभ्यर्थियों से संपर्क किया था और लीक हुए पेपर बांटने के लिए वाट्सएप और इंस्टाग्राम के जरिये उनका विवरण यश यादव के साथ शेयर किए। सीबीआइ ने आरोपितों के मोबाइल फोन से आपत्तिजनक चैट्स, लीक हुए प्रश्नपत्र और अन्य डिजिटल सुबूत बरामद किए गए हैं।
तीसरी बार परीक्षा में बैठे लखीमपुर के छात्र ने दी जान
उत्तर प्रदेश में लखीमपुर खीरी जिले के गंगोत्री नगर इलाके में एक 21 वर्षीय नीट अभ्यर्थी रितिक मिश्रा ने परीक्षा रद होने के कारण फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके पिता ने बताया कि उनके बेटे का यह तीसरा प्रयास था और इस बार वह परीक्षा उत्तीर्ण करने के प्रति बिल्कुल आश्वस्त था। पुलिस ने बताया कि रितिक के कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।


