फिल्लौर के गैस एजेंसी के काले धंधे का पर्दाफाश! दिनभर धक्के खाती रही जनता; रात को दो गुना दाम पर बिकते पकड़े गए सिलिंडर

 युद्ध लगने के बाद कुछ गैस एजेंसी मालिकों की मानो चांदी लग गई है। लोग पूरे दिन गैस सिलिंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े रहते हैं, जबकि रात होते ही वही सिलिंडर ब्लैक में बिकने के लिए पहुंच जाते हैं। हाल ही में कुछ शहरवासियों ने एक निजी घर के बाहर दो सिलिंडरों से भरी गाड़ियों को पकड़कर पुलिस को बुलाया।

बाजार में पेट्रोल-डीजल और गैस सिलिंडर न मिलने की अफवाहों का फायदा उठाकर कुछ लोग काले धंधे के काम करने लग पड़े हैं। शनिवार रात आठ बजे शहरवासी भवेश शर्मा, प्रदीप दौसांझ और अन्य लोगों को पता चला कि गैस एजेंसी के बाहर लोग घंटों तक एक सिलिंडर के लिए कतार में खड़े रहते हैं, जबकि वही गैस सिलिंडर स्थानीय विधायक के घर के पास 980 रुपये में मिलने वाला सिलिंडर 2200 से 2300 रुपये में बेचा जा रहा है।

शहरवासी देर रात तक कार्रवाई करवाने के लिए वहां डटे रहे। उनका कहना था कि गैस एजेंसी का मालिक झूठ बोलकर खुलेआम ब्लैक में सिलिंडर बेचने का कारोबार कर रहा है। भवेश शर्मा और उनके साथियों ने उस घर के बाहर पहुंचकर सिलिंडर से भरी दो गाड़ियों को पकड़ लिया।

लोगों के शोर मचाने पर गाड़ियों के चालक वहां से फरार हो गए। शहरवासियों ने मौके पर पुलिस को बुलाकर गैस सिलिंडरों से भरी गाड़ियों को पकड़वाया। भवेश शर्मा और प्रदीप दौसांझ ने कहा कि यह लोगों के साथ अन्याय है। स्थानीय गैस एजेंसी के मालिक खुलेआम ब्लैक में सिलिंडर बेचकर मोटी कमाई कर रहे हैं, जबकि आम जनता एक सिलिंडर के लिए पूरा दिन एजेंसी के बाहर धक्के खा रही है।

उन्होंने कहा कि घनी आबादी में इतनी बड़ी मात्रा में गैस सिलिंडरों का होना एक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। भवेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने डीएसपी भरत मसीह से इसकी शिकायत की है।

उचित कार्रवाई की जाएगी: डीएसपी

डीएसपी भरत मसीह ने कहा कि गैस सिलिंडर की कालाबाजारी करने वालों पर उचित कार्रवाई की जाएगी और इस संबंधी खाद्य आपूर्ति विभाग को भी शिकायत देंगे।

सभी गैस सिलिंडरों के वाउचर काटे हुए हैं: एजेंसी मालिक

इस संबंध में जब स्थानीय गैस एजेंसी की मालिक से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सभी गैस सिलिंडरों के वाउचर काटे हुए हैं और ये सिलिंडर गांव को सप्लाई देने के लिए भेजे गए थे। रात होने के कारण दोनों गाड़ियों को उस घर में खड़ा कर दिया गया था।

उन्होंने कहा कि वे कोई ब्लैक में नहीं बेच रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि वे इन गैस सिलिंडरों को सुबह अपने बाउंड से रवाना क्यों नहीं कर सकते, तो उन्होंने कोई उचित जवाब नहीं दिया।

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