पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते जनपद व आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है और तेज हवा का दौर शुरू हो गया है गरज के साथ हल्की बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। अभी बूंदाबांदी शुरू हो चुकी है। रविवार को कई स्थानों पर 15 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलती रहीं, जिससे धूल भरी आंधी जैसी स्थिति बन गई।
गरज के साथ हल्की बारिश और ओलावृष्टि का पूर्वानुमान
तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। जिन खेतों में किसानों ने हाल ही में सिंचाई कर दी थी, वहां कई स्थानों पर फसल जमीन पर झुकती हुई दिखाई दे रही है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
अगले 24 घंटे में बदल सकता है मौसम
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से अगले 24 घंटे के दौरान मौसम और बदल सकता है। जिले के आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ डॉक्टर अच्युत यादव ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने गरज के साथ हल्की बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना व्यक्त की है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
हवाओं के चलने से तापमान में आया अंतर
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक जनपद में वायुमंडलीय दाब 1015 मिलीबार से नीचे बना हुआ है, जबकि वातावरण में आद्रता में भी कमी आई है, जिसके कारण मौसम में तेजी से बदलाव देखा जा रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आज का न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। फिलहाल जनपद के कई इलाकों में तेज हवाएं लगातार चल रही हैं।
गेहूं की फसल को हो सकता है नुकसान
जिला कृषि रक्षा अधिकारी अरुण कुमार त्रिपाठी का कहना है कि यदि बारिश या ओलावृष्टि होती है तो पकने की अवस्था में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।


