मध्य प्रदेश से राज्यसभा की रिक्त हो रही सीट के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का उत्तराधिकारी कौन होगा, इसे लेकर कांग्रेस पार्टी में जद्दोजहद तेज हो गई है। सभी संभावित दावेदार अब हाईकमान के समक्ष अपनी पैरवी में जुट गए हैं।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि ओबीसी वर्ग के नेता जीतू पटवारी, अरुण यादव और कमलेश्वर पटेल भी राज्यसभा की दौड़ में हैं। हालांकि, इस बार कांग्रेस महिला प्रत्याशी को भेजने पर विचार कर रही है। ऐसे में पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।
मीनाक्षी नटराजन गांधी परिवार की करीबी मानी जाती हैं। वे पंचायत राज प्रकोष्ठ की प्रभारी होने के साथ-साथ तेलंगाना की प्रभारी भी हैं। पार्टी में उन्हें कांग्रेस विचारधारा के प्रति समर्पित और भरोसेमंद नेता के रूप में देखा जाता है।
सूत्रों के अनुसार, पिछली बार भी मीनाक्षी का नाम राज्यसभा के लिए फाइनल था। लेकिन उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्राथमिकता ओबीसी नेता अशोक सिंह यादव पर रही, इसलिए उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मीनाक्षी को भेजे जाने की संभावना बढ़ी है, क्योंकि पार्टी हाईकमान महिला प्रतिनिधित्व को मजबूत करना चाहता है और राजनीतिक समीकरणों को भी ध्यान में रख रहा है।
कांग्रेस के भीतर चल रही यह रणनीतिक लड़ाई अगले कुछ दिनों में और स्पष्ट हो सकती है, जब हाईकमान अंतिम निर्णय लेगा। पार्टी नेताओं और दावेदारों की बैठकें और चर्चाएं लगातार जारी हैं।
राज्यसभा सीट को लेकर यह दौड़ न केवल मध्य प्रदेश में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करेगी, बल्कि पार्टी के भीतर नेतृत्व और रणनीति पर भी बड़ा प्रभाव डाल सकती है।


