कटोरिया प्रखंड में जिंदा पेंशनधारियों को मृत घोषित करने का मामला, कई बुजुर्गों की पेंशन बंद
कटोरिया प्रखंड में पेंशन व्यवस्था से जुड़ी एक गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां बड़ी संख्या में जीवित पेंशनधारियों को कागजों में मृत घोषित कर उनकी पेंशन रोक दी गई। इस प्रशासनिक चूक से न केवल बुजुर्ग लाभुकों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि संबंधित विभागों में भी अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण अभियान चलाया गया था। इसी प्रक्रिया के आधार पर जिन लाभुकों को जीवित दर्शाया गया, उनकी पेंशन जारी रखी गई, जबकि जिनके नाम मृत्यु सूची में दर्ज किए गए, उनकी पेंशन बंद कर दी गई।
हालांकि, बाद की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कई मामलों में बिना स्थल पर जाकर भौतिक सत्यापन किए ही पेंशनधारियों को मृत घोषित कर दिया गया। आरोप है कि कुछ कर्मियों ने केवल टेबल रिपोर्ट और कागजी आंकड़ों के आधार पर ही सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर दी, जिससे बड़ी संख्या में जीवित बुजुर्ग लाभुक पेंशन से वंचित हो गए।
इस लापरवाही के चलते प्रभावित पेंशनधारियों को अब कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। मामला उजागर होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच की बात कही जा रही है, वहीं पेंशनधारियों ने दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और तत्काल पेंशन बहाल करने की मांग उठाई है।

