इंदौर दूषित पानी कांड: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मीडिया पर भड़के, वीडियो वायरल होने के बाद मांगी माफी

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 मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की सप्लाई से बड़ा हादसा हुआ है। पाइपलाइन लीकेज के कारण सीवर का पानी पीने के जल में मिल गया, जिससे उल्टी-दस्त की महामारी फैली। अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से सैकड़ों अस्पतालों में भर्ती हैं। यह घटना देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर की छवि पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी गठित की है और तीन अधिकारियों को निलंबित कर एक को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। प्रभावितों के इलाज का खर्च सरकार उठा रही है और टैंकरों से साफ पानी की व्यवस्था की जा रही है।

मंत्री विजयवर्गीय का विवादित बयान

बुधवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज में सीएम की बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (जिनका विधानसभा क्षेत्र इंदौर-1 भागीरथपुरा में आता है) बाहर निकले। एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों का रिफंड अभी तक क्यों नहीं मिला और पीने के पानी की उचित व्यवस्था क्यों नहीं हुई?

इस पर मंत्री भड़क गए और बोले, “अरे छोड़ो यार, फोकट प्रश्न मत पूछा करो।” पत्रकार के जोर देने पर अपशब्दों का इस्तेमाल किया और वहां से चले गए। इस दौरान एक पार्षद (कमल वाघेला) ने भी पत्रकार से तीखी बहस की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

मंत्री ने जताया खेद

वीडियो वायरल होने के बाद देर रात मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट कर माफी मांगी। उन्होंने लिखा: “मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है। दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए, इस गहरे दु:ख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए। इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूँ। लेकिन जब तक मेरे लोग पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाते, मैं शांत नहीं बैठूँगा।”

सियासी बवाल

कांग्रेस ने मंत्री के बयान पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने इसे सत्ता के अहंकार का प्रतीक बताया और मांग की कि मंत्री सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। विपक्ष का कहना है कि स्वच्छता के दावों के बावजूद ऐसी लापरवाही प्रशासन की नाकामी दिखाती है।

प्रशासन का दावा है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जा रही है।यह घटना इंदौर की जल आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रही है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही सबकुछ सामान्य हो जाएगा।

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