रेलवे ने बनाया फुलप्रूफ प्लान-B, ट्रैक जाम हुआ तो EDFC पर दौड़ेंगी स्पेशल ट्रेनें

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कुंभ की याद अभी ताज़ा है और अब माघ मेला 2026 की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए प्रयागराज पहुंचेंगे। पिछले अनुभव से सबक लेते हुए उत्तर मध्य रेलवे ने इस बार ऐसा प्रबंध कर रहा है है कि ट्रेनें रुकेंगी नहीं, श्रद्धालु परेशान नहीं होंगे।

अगर मुख्य लाइन पर कोई तकनीकी खराबी आई, सिग्नल फेल हुआ या कोई और आपात स्थिति बनी तो रेलवे तुरंत ‘प्लान-बी’ लागू कर देगी। इसके तहत सभी यात्री ट्रेनें फिर चाहे रोज़ाना चलने वाली हों या माघ मेला स्पेशल सभी ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) लाइन पर दौड़ा दी जाएंगी।

यानी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय) से आने वाली ट्रेनें हों या कानपुर की ओर से आने वाली ट्रेनें ईडीएफसी ट्रैक से शहर के बाहर-बाहर से सीधे प्रयागराज पहुंचेंगी। ईडीएफसी मालगाड़ियों के लिए ही समर्पित गलियारा है और अभी भी इस पर मालगाड़ियां ही चल रही हैं।

लेकिन बीते महीने ही इस पर यात्री ट्रेन का सफल ट्रायल पूरा कर लिया गया है। उसी क्रम में ईडीएफसी प्रशासन पूरी तरह से रेलवे के प्लान बी को लगाू करने के लिए तैयार है।

सबसे बड़ी राहत वाली बात ये है कि एक जनवरी 2026 से 17 फरवरी 2026 तक पूरे डेढ़ महीने प्रयागराज जंक्शन की ओर एक भी मालगाड़ी नहीं भेजी जाएगी। मतलब मुख्य लाइन पर सिर्फ और सिर्फ यात्री ट्रेनों का कब्ज़ा रहेगा। इससे न तो मालगाड़ी के कारण यात्री ट्रेनें रुकेंगी और न ही किसी को घंटों इंतज़ार करना पड़ेगा।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि माघ मेले के दौरान लगभग 50 अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। मुख्य स्नान पर्वों मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी पर इसके लिए विशेष तैयारी की जा रही है। इतनी भारी भीड़ को देखते हुए प्लान-बी को हर पल तैयार रखा गया है।

सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि हमारा लक्ष्य है कोई भी श्रद्धालु यह न कहे कि ट्रेन लेट होने की वजह से स्नान छूट गया। EDFC हमारे लिए बैकअप हाईवे की तरह है। ज़रा-सी भी दिक्कत हुई, सारी ट्रेनें उस पर शिफ्ट हो जाएंगी।

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