उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने के लिए योगी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में अब शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की जानकारी देने के लिए चार विशेष प्रशिक्षण वीडियो जारी किए गए हैं। इन वीडियो के माध्यम से शिक्षक स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, डिजिटल पुस्तकालय और इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल यानी IFP का प्रभावी उपयोग करना सीख सकेंगे।
दरअसल, प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। लेकिन इन संसाधनों का सही तरीके से इस्तेमाल हो, इसके लिए शिक्षकों को तकनीकी जानकारी देना भी जरूरी है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है।
चार प्रमुख विषयों पर तैयार किए गए वीडियो
शिक्षकों के लिए जारी किए गए चार प्रशिक्षण वीडियो में डिजिटल शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं।
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स्मार्ट क्लास: डिजिटल माध्यम से बच्चों को रोचक और आसान तरीके से पढ़ाने की जानकारी।
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आईसीटी लैब: कंप्यूटर और अन्य तकनीकी उपकरणों के प्रभावी इस्तेमाल का तरीका।
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डिजिटल पुस्तकालय: डिजिटल पुस्तकों और शैक्षणिक सामग्री का उपयोग करके बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ाना।
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IFP पैनल: इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल के माध्यम से कक्षा में डिजिटल कंटेंट और शिक्षण गतिविधियों का इस्तेमाल।
शिक्षकों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
इन वीडियो का उद्देश्य केवल शिक्षकों को तकनीक से परिचित कराना नहीं, बल्कि उन्हें कक्षा में इन सुविधाओं का व्यावहारिक उपयोग सिखाना भी है। इससे शिक्षक कठिन विषयों को चित्रों, वीडियो और डिजिटल सामग्री के माध्यम से बच्चों को आसानी से समझा सकेंगे।
डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने की तैयारी
उत्तर प्रदेश सरकार समग्र शिक्षा अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में डिजिटल सुविधाओं का विस्तार कर रही है। राज्य में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और डिजिटल लाइब्रेरी के संचालन तथा उनके बेहतर इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं।
इसके अलावा, 2 नवंबर 2026 से ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किया गया है। इसमें चयनित विद्यालयों के नोडल शिक्षक और एकेडमिक रिसोर्स पर्सन शामिल हो रहे हैं।
बच्चों को क्या होगा फायदा?
डिजिटल संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से बच्चों को पढ़ाई के दौरान नए अनुभव मिलेंगे। विज्ञान, गणित और अन्य विषयों को डिजिटल चित्रों और वीडियो के जरिए समझना आसान हो सकता है। साथ ही पढ़ाई में बच्चों की भागीदारी बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, योगी सरकार की यह पहल सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब चुनौती इन सुविधाओं को नियमित रूप से कक्षा शिक्षण का हिस्सा बनाने की होगी, ताकि तकनीक का वास्तविक लाभ विद्यार्थियों तक पहुंच सके।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

