उत्तर प्रदेश के गढ़ गंगा मेले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने धार्मिक आयोजन के बीच राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। मेले के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान पटका नहीं मिलने पर एक बीजेपी नेता नाराज हो गए। आरोप है कि उन्होंने मौके पर मौजूद पंडितों को दक्षिणा रुकवाने तक की धमकी दे दी। इस घटना के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई।
जानकारी के मुताबिक, गढ़ गंगा मेले के आयोजन को लेकर भूमि पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस धार्मिक अनुष्ठान में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के साथ पुजारी भी मौजूद थे। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी होने के बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही थी।
इसी दौरान पटका नहीं मिलने को लेकर बीजेपी नेता नाराज हो गए। बताया जा रहा है कि पटका न मिलने पर उन्होंने अपनी नाराजगी सार्वजनिक रूप से जाहिर की। मामला उस समय और चर्चा में आ गया, जब पंडितों को दी जाने वाली दक्षिणा रुकवाने की धमकी देने का आरोप सामने आया।
धार्मिक आयोजन के दौरान हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं के अनुसार मेले का शुभारंभ करना था, वहां सम्मान और व्यवस्थाओं को लेकर विवाद की स्थिति बन गई।
गढ़ गंगा मेला उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है। इस मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और गंगा स्नान के साथ धार्मिक गतिविधियों में भाग लेते हैं। ऐसे में भूमि पूजन जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में हुआ यह विवाद चर्चा का विषय बन गया है।
फिलहाल, पटका नहीं मिलने को लेकर हुए विवाद और पंडितों को दक्षिणा रुकवाने की कथित धमकी के मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस छेड़ दी है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

