‘कांग्रेस ने SIR को लेकर झूठ का गुब्बारा खड़ा किया’, CM नायब सैनी का करनाल में विपक्ष पर तीखा हमला

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हरियाणा की राजनीति में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करनाल में आयोजित जनसभा के दौरान कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने SIR को लेकर झूठ का गुब्बारा खड़ा किया है और देशभर में लोगों के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास किया है।

दरअसल, गुरुवार 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हरियाणा के करनाल पहुंचे। यहां भाजपा की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्रा और जनसभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और भाजपा की वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी समेत कई नेता मौजूद रहे।

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया वर्ष 1952 से होती आ रही है। इसके बाद 1957, 1967 और अलग-अलग समय पर भी यह प्रक्रिया अपनाई गई है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष ने SIR को लेकर झूठ और भ्रम का ऐसा माहौल बनाया है, जिसे अब जनता के सामने स्पष्ट करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसी मुद्दे पर कांग्रेस के कथित भ्रामक प्रचार का जवाब देने और भाजपा कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करने के लिए हरियाणा पहुंचे हैं।

सैनी ने भाजपा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे घर-घर और गांव-गांव जाकर लोगों को SIR की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दें। उनका कहना था कि लोकतंत्र में आम नागरिक के वोट का विशेष महत्व है और मतदाता सूची की शुद्धता लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है।

वहीं, इस पूरे विवाद के बीच विपक्षी दलों की ओर से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं ने चुनावी अनियमितताओं और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार तथा चुनाव आयोग पर निशाना साधा है।

दूसरी तरफ, भाजपा SIR के समर्थन में जनसंपर्क अभियान चला रही है। करनाल में आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी राजनीतिक अभियान का हिस्सा रहा।

कुल मिलाकर, SIR को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच राजनीतिक बहस किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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