मुंगेर में आवास योजना का बड़ा मामला! एक ही परिवार को दो बार मिला सरकारी मकान, खुलासे के बाद BDO ने मुखिया और आवास सहायक को किया तलब
बिहार के मुंगेर जिले से सरकारी आवास योजना में कथित गड़बड़ी का एक मामला सामने आया है। यहां एक ही परिवार को दो अलग-अलग आवास योजनाओं का लाभ दिए जाने का आरोप लगा है। दैनिक जागरण में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रखंड प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी यानी BDO ने पंचायत के मुखिया और संबंधित ग्रामीण आवास सहायक को तलब कर जवाब मांगा है।
पूरा मामला मुंगेर जिले के जमालपुर प्रखंड की पड़हम पंचायत के वार्ड नंबर 9 का है। यहां एक परिवार को पहले इंदिरा आवास योजना का लाभ मिलने और इसके बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दोबारा राशि स्वीकृत होने का मामला सामने आया है।
दैनिक जागरण ने 4 नवंबर को इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर में बताया गया कि एक ही परिवार को पहले इंदिरा आवास और अब प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है। इसके बाद पूर्व मुखिया तनिक पंडित की शिकायत पर प्रशासन ने जांच शुरू कर दी।
BDO ने मुखिया और आवास सहायक से मांगा जवाब
मामले की जानकारी मिलने के बाद BDO श्वेता कुमारी ने वर्तमान मुखिया प्रताप नारायण चौधरी और संबंधित ग्रामीण आवास सहायक को प्रखंड कार्यालय बुलाया। दोनों से आमने-सामने पूछताछ की गई।
प्रशासन ने वर्ष 2003 से 2015 तक के इंदिरा आवास योजना के पुराने रिकॉर्ड, लाभार्थी पंजी और वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृत सूची का मिलान करने का निर्देश दिया है।
पहले लाभ के बावजूद कैसे मिली 40 हजार रुपये की किस्त?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब संबंधित परिवार को पहले ही इंदिरा आवास योजना का लाभ मिल चुका था, तो फिर प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में उसका नाम कैसे शामिल हो गया?
जानकारी के मुताबिक, लाभार्थी के खाते में प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये भी भेजे जा चुके हैं। अब प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि सत्यापन के दौरान पुराने लाभ की जानकारी सामने क्यों नहीं आई।
मुखिया और वार्ड सदस्य ने दी अपनी सफाई
पूछताछ के दौरान वर्तमान मुखिया प्रताप नारायण चौधरी ने कहा कि उन्हें करीब 15 साल पहले मकान की मरम्मत के लिए 20 हजार रुपये मिलने की जानकारी थी। हालांकि, नई योजना में लाभ किस आधार पर दिया गया, इसकी जानकारी होने से उन्होंने इनकार किया। उन्होंने सत्यापन की जिम्मेदारी आवास सहायक पर डाल दी।
वहीं, आरोपों के घेरे में आए वार्ड सदस्य आनंद मोहन उर्फ पिंकू ठाकुर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने पहले आवास योजना का लाभ लेने से इनकार किया है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

