हरियाणा के ऊर्जा अनिल विज ने गुरुग्राम व नूंह में बिजली वितरण के लिए दिए लाइसेंस के विरोध में हरियाणा बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के संबंध में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि हमने सारा इंतजाम किया है और यह जो हड़ताल की जा रही है वो बेवजह है। क्योंकि हरियाणा बिजली विनियामक आयोग ने आदेश दिया है कि निजी कंपनी को बिजली दी जाए।
विज ने कहा कि वह स्वयं निजीकरण के खिलाफ है क्योंकि हमारा इतना पैसा व ढांचा लगा है, कर्मचारियों की नौकरी का सवाल है इसलिए हमने इसका डटकर विरोध किया, मगर फैसला हमारे खिलाफ आया और इस फैसले की हम विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) में अपील कर रहे हैं। हम कोशिश कर रहे हैं कि जल्दी वहां से विनियामक के आदेश के खिलाफ स्टे हासिल करें।
कोर्ट में लड़ना पड़ेगा
विज ने कहा कि वह कर्मचारी नेताओं को यह कहना चाहते हैं कि हड़ताल करना तब बनता जब हम अपील न करते, अपील करने के लिए 45 दिन का समय होता है। हम पूरी तरह से अधिकारियों के साथ लगे हैं ताकि 5-6 दिन में यह अपील दायर कर स्टे हासिल कर लें।
कर्मचारियों साथियों से वह कहना चाहते हैं कि हड़ताल का रास्ता छोड़कर वह हमारे साथ आए और केस तैयार कराने के लिए यदि हमारे वकील को कोई राय देना चाहते हैं तो वह दे, या वो अपना वकील खड़ा करना चाहते है तो वह खड़ा करे, या वो कोई और वकील का सुझाव देना चाहते हैं तो बताए हम वह वकील हायर कर लेंगे।
उन्होंने कहा कि लड़ना तो कोर्ट में पड़ेगा क्योंकि यह विनियामक है, कुछ नासमझ लोग कह रहे हैं कि सरकार ने बिजली दी और सरकार अपील में जा रही है, ऐसा नहीं हो सकता, यह सरकार नहीं विनियामक है समझ नहीं है तो एक्ट लेकर पढ़ लें।
राहुल गांधी को आरएसएस की शाखा में भाग लेना चाहिए
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा आरएसएस पर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए विज ने कहा कि राहुल गांधी इस प्रकार की बातें पहले भी कई बार कर चुके हैं, मगर वह राहुल से पूछना चाहते हैं कि आरएसएस बारे वह जानते है कि आरएसएस क्या है, क्या वह कभी उसमें गए है क्या। उन्होंने देखा है कि वहां क्या सिखाते हैं।
जब वह जानते ही नहीं, उन्हें मालूम ही नहीं, अगर आरएसएस को सीखना है तो राहुल गांधी कुछ दिन आरएसएस की शाखा में भाग लें। वहीं एक अन्य सवाल का जवाब में विज ने कहा कि छुआछूत दूर की बात हो गई है, सब लोग भारतीय बनकर जी रहे हैं और भारतीय बनकर ही सब रहना चाहते है और रहना भी चाहिए।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

